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बेस बनाए बगैर ही लगाई गई टाइलें, धंसने लगीं जगह-जगह से

6 वर्ष पहले
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अमृतसर । रणजीत एवेन्यू डी-ब्लॉक में सड़कों के किनारे छह महीने पहले लगी इंटरलॉकिंग टाइलें जगह-जगह से धंसनी और उखड़ने लगी हैं। मेंटेनेंस के प्रति अफसरों की अनदेखी के कारण यह टाइलें विकास कार्यों की पोल खोल रही है। कही टाइलें एक-एक फीट तक जमीन में धंस गई हैं, तो कहीं इन पर घास उगना शुरू हो गया है।

इंजीनियरों के अनुसार इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने के लिए कॉम्प्रेशन करके प्रॉपर बैड तैयार किया जाता है। बैड बनाने के लिए रोढ़ी डालकर कुटाई की जाती है, फिर मिट्टी डालकर रोलर चलाया जाता है। रोढ़ी और मिट्टी अच्छी तरह से मजबूत होने बाद मोटी रेत डालकर टाइलों को लगाया जाता है। टाइलोंं को लगाने के लिए सीमेंट नहीं लगाया जाता, केवल आपस में जोड़ दिया जाता है, जिस जगह को टाइलें लगाई जाती है, अगर वहा कोई सीवेरज या कोई अन्य काम करना हो, तो टाइलों को हटाकर काम किया जा सकता है।

इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने से पहले रोढ़ी और मिट्टी का बैड अच्छी तरह से तैयार न होने से टाइलें जमीन में धंस जाती है। कई बार सीवरेज नीचे बैठने के कारण भी टाइलें धंस जाती है।

रिटेंशन पीरियड तक टाइलें खराब हुई तो ठेकेदार जिम्मेदार : इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के एसई राजीव सेखड़ी ने बताया कि टाइलें लगाने का काम पूरा होने के बाद एक साल का रिटेंशन पीरियड होता है, जिसमें ठेकेदार से 10 प्रतिशत सिक्योरिटी विभाग के पास जमा रहती है। अगर कही भी टाइलें खराब होती है, तो ठेकेदार उसे ठीक करवाता है। टाइलों का ज्यादा नुकसान होने पर ठेकेदार की सिक्योरिटी जब्त कर ली जाती है और बिना पेमेंट के ठेकेदार को रिपेयर करनी होती है।
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