(जैसे ही बलविंदर कौर को पति की मौत हो जाने की सूचना मिली, वे सिविल अस्पताल के बाहर दहाड़ें मारकर रोने लगी।)
तरनतारन। इसे मौत का खेल कहें या तकदीर। बलविंदर कुमार खुद दूसरों को 132केवी सब स्टेशन की तरफ जाने से रोकता था, लेकिन आज उसने खुद ही वहां पर जाकर कबूतर निकालने की कोशिश में जान गंवा ली। बलविंदर कई सालों से होमगार्ड से पुलिस में आने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे अाश्वासन ही मिलता रहा। घर का गुजारा उसी की तनख्वाह पर चलता था। उसकी पत्नी बलविंदर कौर का रो-रो कर बुरा हाल है। 6 माह पहले ही बलविंदर के बड़े बेटे राजू की मौत हो गई थी। अब बलविंदर की मौत से पूरा परिवार टूट गया है।
बलविंदर की मौत की खबर जैसे ही घरवालों मिली तो उनके पांव के नीचे से जमीन निकल गई। पत्नी बलविंदर कौर तो यह सुनते ही बेहोश हो गई। बच्चे भी अपने पिता की मौत का गम नहीं झेल पा रहे हैं। रिश्तेदार और आसपास के लोग भी घटना को लेकर हैरान हैं।
बलविंदर तो चाइना डोर में फंसे कबूतर को बाहर निकाल कर उसकी जान बचाना चाहता था, लेकिन न तो कबूतर की जान बच पाई और वह अपनी जान भी गंवा बैठा। बलविंदर और हरजिंदर सिंह ने कबूतर को बचाने के चक्कर में 132केवी सब स्टेशन की हाई वोल्टेज तारों की भी परवाह नहीं की। हरजिंदर की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
मामले की जांच होगी: डीसी
डीसी बलविंदर सिंह धालीवाल ने कहा कि घटना अफसोसजनक है। मामले की जांच करवाई जाएगी।
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