अमृतसर. आपके खून-पसीने की कमाई से हर माह कटने वाले प्रोविडेंट फंड की रकम के लिए अब आपको फैक्टरी मालिक या फिर कंपनी के प्रबंधक के पास चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
ईपीएफ महकमे ने गड़बड़ी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कारगर योजना तैयार की है। इसके लिए हर पीएफ कटने वाले कर्मचारी का यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) तैयार किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी अपनी पीएफ की राशि तय नियमों के तहत निकाल सकेंगे। जिले के 84 हजार 274 कर्मचारियों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर अलाट किया जाएगा।
इसके लिए बाकायदा कई कंपनी मालिकों ने कर्मचारी पीएफ संबंधित जानकारी महकमे के पास जमा करवानी शुरू कर दी है। रीजनल प्रोवीडेंट कमिश्नर योगेश कुमार का मानना है कि यूएएन पीएफ वालों के लिए वरदान साबित होगा। यूएएन के लिए पीएफ दफ्तर में अब तक 25 हजार के करीब कर्मचारियों ने अपने प्रूफ जमा करवा दिए हैं।
हर महीने चेक करें पीएफ स्टेटस
यूएएन के बन जाने से जिस कर्मचारी का पीएफ काटा जाता है उसे उसके खाते में जमा होने
वाली रकम के बारे में हर महीने पता चल सकेगा। अब तक वेतन से कटने वाले पीएफ के बारे में एक साल बाद स्टेटमेंट जारी की जाती थी।
कई कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में पैसे की जरूरत होती है लिहाजा यूएएन अलॉट होने के बाद एटीएम के जरिए पीएफ की राशि निकालने की ही सुविधा नहीं मिलेगी,बल्कि कंपनी बदलने पर पीएफ अकाउंट ट्रांसफर कराने से भी छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा कंपनी हर महीने आपके पीएफ एकाउंट में कितनी रकम डाल रही है, कितना ब्याज मिल रहा है और खाते से कितनी रकम निकाली गई आदि की जानकारी ईपीएफ की वेबसाइट www.epfindia.gov.in पर यूएएन की मदद से ली जा सकेगी।
अगर कंपनी छोड़ते हैं तो पुराना अकांउट भी कर सकते हैं लिंक
अगर किसी कर्मचारी ने अलग-अलग कंपनियों में काम किया है और उसका वहां पीएफ अकांउट है तो वह पुरानी कंपनियों में काम छोड़ने के बाद सभी पीएफ अकाउंट्स को लिंक कर सकता है। ऐसे सभी पीएफ अकाउंट नंबर को भी यूएएन से जोड़ा जा सकेगा जिन्हें संबंधित कंपनियों के जिम्मेदारों ने ट्रांसफर नहीं कराया।
नंबर लेने के लिए इनमें से कोई एक प्रूफ जमा करवाना जरूरी
यूनिवर्सल अकांउट नंबर के लिए प्रोवीडेंट विभाग में संबंधित कर्मचारी को अपनी पहचान के लिए एक जरूरी प्रूफ के अलावा बैंक अकांउट नंबर अनिवार्य है। प्रूफ में आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर कार्ड और राशन कार्ड शामिल हैं। इसके बगैर यूएएन नहीं मिल सकता।