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डाउनलोड करेंअमृतसर. अकाली पार्षदों ने कहा कि एस्टेट आफिसर विशाल वधावन शहर में लगने वाली 4 हजार रेहडिय़ों से 12 लाख रुपए प्रति माह और सेहत अधिकारी डा. योगेश बिना कोटेशन लिए ही भाजपा पार्षद अमन ऐरी के पेट्रोल पंप से गाडिय़ों में तेल डलवाना शुरू कर दिया है। रोज यहां से 21०० लीटर तेल गाडिय़ां भरती हैं। मंत्री, मेयर और कमिश्नर को इनमें कोई भ्रष्टाचार नहीं दिखता। इतना ही नहीं पार्षदों ने कहा कि निगम कमिश्नर डीपीएस खरबंदा की कोठी के ठीक पीछे जोशी कालोनी वाली जमीन के प्लाट को बेचने में भी धांधली हुई है।
मंत्री इन मामलों में ही टाइम बाउंड इंक्वायरी करवा लें तो उन्हें पता चल जाएगा कि उनके चहेते अधिकारी कितना भ्रष्टाचार कर रहे हैं। इनका कहना है कि यह तो शुरुआत है एक-एक करके वह कई अधिकारियों की पोल खोलेंगे। नगर निगम में विकास के एजेंडे पर मेयर की मुहर लगते ही सीनियर डिप्टी मेयर अवतार सिंह ट्रकां वाला, डिप्टी मेयर अविनाश जौली सहित शिरोमणि अकाली दल के 34 पार्षद शेम-शेम-शेम करते हुए वाक आउट कर गए और बाहर डॉ. योगेश व वधावन के तबादला करवाने को लेकर दरी बिछा कर बैठ गए। यह पहला मौका था कि सत्ता में काबिज होते हुए किसी राजनीतिक पार्टी के पार्षदों ने हाउस से वाकआउट किया हो।
पौने 12 बजे आए मेयर
मेयर करीब 11.४5 मिनट पर हाउस में दाखिल हुए। कांग्रेसी पार्षदों को सीट न मिलने के कारण वह सदन में नीचे ही बैठ गए। विपक्ष के नेता राजकंवल प्रीत सिंह लक्की बोले कि मेयर साहिब यह हाउस की गरिमा की तौहीन है कि कांग्रेस के पार्षदों को बैठने के लिए सीट नहीं मिली। हाउस की कार्रवाई शुरू करने के लिए कमिश्नर बोल ही रहे थे कि सीनियर डिप्टी मेयर अवतार सिंह बोल पड़े कि शहर में 1241.74 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाने का एजेंडा तैयार किए जाने के लिए मुख्यमंत्री, उप-मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से एजेंडा पास है, मेयर साहिब आप इस पर मुहर लगा दीजिए। इसे पास होने में केवल 5 मिनट का समय ही लगा। साथ ही बोले कि कमिश्नर साहिब आपको डेढ़ माह पहले दो भ्रष्ट अधिकारियों के तबादले को लेकर पत्र दिया गया था, उसका आपने क्या किया। राजेश हनी ने अवतार सिंह को टोक दिया।
बस फिर क्या था अकाली पार्षद सुरिंदर सिंह सुल्तानविंड, अमरजीत सिंह भाटिया, अविनाश जौली, अमरजीत सिंह भाटिया, राज कुमार जौली सहित तमाम पार्षद उठ खड़े हुए। उधर, सुखमिंदर सिंह पिंटू, अमन ऐरी, राजेश हनी, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. राम चावला आदि भी अपने स्थान से उठ गए। शिअद के पार्षद तैश में आकर भाजपा के पार्षदों के पास पहुंच गए और उलझ गए। आखिरकार मेयर की बात सुनकर अकाली-भाजपा पार्षद अपनी सीटों पर बैठ गए।
34 पार्षद निल और 2 अफसर आल इन आल
अवतार सिंह फिर बोले कि अकाली पार्षदों की कोई इज्जत है या नहीं। 34 पार्षद डेढ़ माह से दो भ्रष्ट अधिकारियों के विभाग बदलने की मांग कर रहे हैं। मेयर साहिब आप और कमिश्नर क्या कर रहे हैं। मेयर के कहने पर कमिश्नर बोले कि गुरु की नगरी की सेवा करने का मौका मिला है। अवतार उठे और बोले कमिश्नर साहिब हम भाषण सुनने नहीं आए हैं। आपका मतलब है कि 34 पार्षद निल और 2 अधिकारी आल इन आल। मेयर साहिब हाउस की बैठक बुलाने की क्या जरूरत थी?
उन्हीं अधिकारियों को बुलाकर प्रस्ताव पास करवा लिया करें। अकाली पार्षदों ने कमिश्नर से जवाब मांगा। खरबंदा बोले कि वह अकाली पार्षदों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करवाने को तैयार हैं। इसकी रिपोर्ट 7 दिनों में देने के लिए कहेंगे। मेयर बोले कि किसी अधिकारी को बिना गलती के कैसे बदल दें। हाउस के बाहर दरी बिछा कर बैठे अकाली दल के पार्षद नारे लगा रहे थे। हाउस से बाहर निकल कर मेयर भी उनके बीच बैठ गए और उन्हें ऐसा न करने का आग्रह किया, तो वह बोले कि हम गिनती में 34 हैं, इसलिए मेयर साहिब हमारे साथ हैं। सुल्तानविंड बोले कि उन्होंने एक-एक अधिकारी की लिस्ट बना रखी है। अविनाश जौली ने भी कापी लहराई और बोले
भ्रष्ट अधिकारियों का लेखा जोखा इसी में है।
एक घंटा धरने पर बैठकर वह उठ गए। अवतार सिंह ने साफ कर दिया कि इंसाफ न मिलने तक वह हाउस की बैठक नहीं चलने देंगे। धरना देने वालों में सीनियर डिप्टी मेयर अवतार सिंह, डिप्टी मेयर अविनाश जौली, अनिता कुमारी, दलबीर कौर, सुखवंत कौर, नागवंत कौर, दर्शन कौर घुम्मन, रणजीत कौर, रमनदीप कौर, हरमिंदर कौर शाम, अमरबीर सिंह ढोट, अमरबीर सिंह संधू, अमरजीत सिंह भाटिया, शमशेर सिंह शेरा, विक्की कपूर, किरण प्रीत सिंह मोनू, भूपिंदर सिंह राही, राजकुमार जौली सहित सभी अकाली पार्षद मौजूद थे।
योगेश-वधावन दोनों योग्य अफसर : जोशी
निकाय मंत्री अनिल जोशी कहते हैं कि वह पद रहे न रहे किसी के दबाव में वह कोई काम नहीं करेंगे। डा. योगेश और वधावन दोनों ही योग्य अधिकारी हैं। डा. योगेश ने कर्मियों की हड़ताल खुलवाने में सरकार की मदद की तो है तो वधावन कई जमीनों को कब्जा मुक्त करवा चुके हैं। अकाली पार्षदों का धरना देना या वाक आउट करना गठबंधन धर्म के खिलाफ है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से बात करेंगे।
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