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प्रभु के चरणों में मन को समर्पित करना चाहिए : व्यासानंद जी
बठिंडा| पावरहाऊस रोड के शिव मंदिर में संतमत सत्संग समिति द्वारा करवाई जा रही श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन शनिवार को महात्मा व्यासानंद जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के अवंतिकापुरी में संदीपन मुनि के आश्रम में विद्याध्ययन के लिए प्रस्थान का प्रसंग सुनाया। स्वामी जी ने फरमाया कि बिना गुरु के ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है। मानव जीवन में ज्ञान की बेहद आवश्यकता है। ज्ञानेनहीना: पशुभि: समाना:। विद्या के बिना मनुष्य का सांसारिक जीवन दुखमय हो जाता है। संसार में विद्या और अविद्या दोनों हैं। यह संसार ज्ञानी और अज्ञानी दोनों से आच्छादित है। सद् विद्या द्वारा मनुष्य शुभ कार्य करता है और अविद्या द्वारा प्राणियों को कष्ट पहुंचाता है।