बठिंडा। पंजाब में भादो के महीने में हुई बारिश ने किसानों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। पिछले दिनों पंजाब में काफी बारिश से पंजाब की कपास की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। यह जानकारी देते हुए पंजाब कॉटन एंड जिनर्स एसोसिएशन के प्रधान भगवान बांसल ने बताया कि अबोहर फाजिल्का, मुक्तसर, गिद्दड़बाहा, मलौट शहरों में कपास की फसल को बारिश से भारी नुकसान पहुंचा और करीब एक लाख गांठ फसल खराब होने की सूचना मिली है, जिसका बाजार मूल्य करीब 200 करोड़ रुपए पड़ता है।
ठीक इसी प्रकार यदि नजर मौड़ मंडी, मानसा मंडी, सरदूलगढ़ जैसे कॉटन बैल्ट इलाकों पर दौड़ाएं तो यहां भी नुकसान करीब 60 से 70 हजार गांठ का हो चुका है, जिसका बाजार मूल्य करीब 120 करोड़ रुपए होगा। यानीकि कुल मिलाकर इस सीजन में कपास उत्पादकों का करीब 320 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
बांसल ने कहा कि सरकार को किसानों को हो रहे इस नुकसान को पूरा करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। पंजाब के किसानों को मौसम के साथ-साथ सेम की समस्या से काफी दो चार होना पड़ रहा है, परन्तु पंजाब सरकार सेम नाले को पक्का करवाने में उतनी शिद्दत नहीं दिखा रही, जिसकारण हर साल कपास की फसल को सेम की मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि तमाम िवदेशी रुझानों के बावजूद इस समय करीब 1.23 लाख हेक्टायर क्षेत्रफल में कपास की बिजाई हुई है, जिससे करीब 4 करोड़ 30 लाख गांठ उत्पादन होने की उम्मीद है।
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नरेंद्र मोदी चीन को भारत में धागा मिलें लगाने का न्यौता दे सकते हैं। भगवान बांसल ने कहा कि इस खबर से कपास कारोबािरयों को काफी उम्मीदें है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को भी मालवा में टेक्सटाइल हब बनवाने के लिए गंभीर प्रयास करने चाहिए तांकि इलाके के युवा बेरोजगारों को रोजगार मिल सके।