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वादों से आगे नहीं बढ़ पाए सरकार के खेल प्रोजेक्ट

7 वर्ष पहले
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बेशकपंजाब सरकार ने खेलों को प्रमोट करने के अपने प्रयासों के तहत कई प्रोजेक्टों का एेलान किया। लोगों से बड़े-बड़े वादे किए। लेकिन ये वादे सिर्फ वादे बनकर ही रह गए। जनता आज भी यही उम्मीद लगाए बैठी है कि कभी तो ये प्रोजेक्ट पूरे होंगे। कभी तो उन्हें अपने ही शहर के स्टेडियम में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने का अवसर मिलेगा। लेकिन ऐसा दिन कब आएगा। ये सवाल उठते ही लोग कह उठते हैं कि अभी तक तो उम्मीद पर ही जी रहे हैं। पता नहीं, सरकार कब इन प्रोजेक्टों को पूरा करवाने की सुध लेती है। वर्तमान में हालात यह है कि पंजाब सरकार द्वारा ऐलान किए गए अधिकांश प्रोजेक्ट एेलान से आगे नहीं बढ़ पाए। जो बने उनकी भी हालत खस्ता होती जा रही है। हैरानी की बात तो ये है कि खेल मंत्री में पैृतक हलके में भी यही हाल है, तो भला दूसरे क्षेत्रों के हाल अच्छे होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। खेल मैदान नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में भारी दिक्कतें हो रही है।

क्रिकेटस्टेडियम: सीएमप्रकाश सिंह बादल ने अपने जन्म दिन पर दिसंबर 2008 में अंतरराष्ट्रीय किक्रेट स्टेडियम बनाने का नींव पत्थर रखा था। इसके बाद कई मौकों पर डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने एेलान किया कि वो दिन दूर नहीं, जब सचिन तेंदुलकर आपके शहर बठिंडा में बने स्टेडियम में खेलते नजर आएंगे। लेकिन छह साल बीतने को हैं। अब तक स्टेडियम तो नहीं बन सका। पर, सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट से संन्यास जरूर ले लिया। अब स्टेडियम की जगह में से सरकार ने 3 एकड़ जगह पर मछली मार्केट के लिए काट दी है और शेष जमीन पर ट्रांसपोर्ट विभाग के लिए वहां पर ट्रैफिक पार्क बनाने की भी तैयारी चल रही है। जबकि बठिंडा क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा वहां क्रिकेट पिच तैयार कर दिया गया। अब उक्त स्थान पर स्टेडियम नहीं बनने से सिर्फ क्रिकेटरों में निराशा है, बल्कि सरकार के इस कदम से खेल प्रेमी भी निराश हैं।

हॉकी एस्ट्रोटर्फ

प्रदेशसरकार द्वारा सरकारी राजिंदरा कॉलेज में 40 खेलों के ग्रांउड को खत्म करके हॉकी एस्ट्रोटर्फ तो तैयार कर दिया, लेकिन पिछले दिनों हुए वर्ल्ड कबड्डी लीग में एस्ट्रोटर्फ को भारी नुकसान पहुंचा। कबड्डी लीग के आयोजकों से इसकी भरपाई कराने की बजाए खेल विभाग भी इसको हलके में ले रहा है।

10 मीटर शूटिंग रेंज

तत्कालीनसांसद परमजीत कौर गुलश