कैसे होगा पांचवां विश्व कप कबड्डी ?
पंजाबकबड्डी एसोसिएशन को अभी तक एमच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया(एकेएफआई) ने मान्यता नहीं दी है। ऐसे में पांचवां विश्व कप कबड्डी भी चौथे विश्व कप की तरह ही बिना मान्यता मिले होने की संभावना है।
ऐसे में सारा नुकसान सिर्फ और सिर्फ कबड्डी खिलाड़ियों का होगा, क्योंकि बिना मान्यता मिले विश्व कप कबड्डी में खेलने पर मिले सर्टिफिकेट की कीमत रद्दी कागज से अधिक नहीं रहती। विगत दिनों बठिंडा में आयोजित कबड्डी एसोसिएशन की बैठक में भी इस मुद्दे पर विचार किया गया था। बैठक में एकेएफआई से संबंध सुधारने की बातों पर जोर दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई कोशिश नहीं की गई।
बिना मान्यता के विश्व कबड्डी कप कराने का कोई मतलब नहीं रह जाता, क्योंकि बिना मान्यता के ये सर्टिफिकेट महज कागज का एक टुकड़ा ही है। कबड्डी एसोसिएशन के सदस्य भी इस बात को मानते हैं कि बिना मान्यता के विश्व कप नहीं हो सकता।
चौथे विश्व कप में खेलने वाले भारतीय कबड्डी टीम के खिलाड़ियों को नौकरी मिलने वाली नहीं है, क्योंकि विश्व कप के लिए एमच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया(एकेएफआई) से मान्यता नहीं ली गई थी। चौथे विश्व कप कबड्डी में भारतीय कबड्डी टीम के 14 खिलाड़ियों में से 8 खिलाड़ी नए थे। जबकि 6 खिलाड़ी पहले के कबड्डी कपों में भाग ले चुके थे। इन नए आठ खिलाड़ियों में जाफी बलवीर पाला निर्भय सिंह हैं। जबकि रेडरों में बलवीर दुल्ला,गुरमीत सिंह,सुच्चा सिंह,सुलतान सिंह, लवप्रीत सिंह तलविंदर सिंह खिलाड़ी शामिल हैं।
मान्यता फीस भरने से पीछे हटी एसोसिएशन
चौथेकबड्डी कप के दौरान भी विश्व कप की फीस नहीं भरी गई थी। यही हाल अब भी है। अभी तक पांचवें विश्व कप कबड्डी के लिए भी मान्यता फीस नहीं भरी गई। कबड्डी कप पर करोड़ों रुपए खर्च करने वाली पंजाब सरकार कबड्डी एसोसिएशन अब मान्यता के लिए पांच लाख रुपए भरने से भी भाग रही है।
अभी तक बात फाइनल नहीं हो पाई :
^एकेएफआई की फीस पांच लाख रुपये है। मैंने प्रधान सिकंदर सिंह मलूका से इस बारे में बातचीत की थी। लेकिन अभी तक कोई बात फाइनल नहीं हो पाई। गुरदीपसिंह मल्ही,महासचिव,पंजाब कबड्डीएसोसिएशन