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बादल साहब ! आपके राज में महिलाओं से ये कैसा बर्ताव
लगातारदूसरे दिन शुक्रवार को भी अमृतसर में बादल ने संगत दर्शन किया। गांव अटारी में। इस बार हवलदार बेटे से परेशान पूर्व सरपंच चन्न िसंह इंसाफ के लिए पहुंचे। बादल ने उनकी बात सुनी भी। पुलिस अफसरों को जांच के निर्देश भी दे दिए। अफसरों ने जांच कर कार्रवाई की बात कही। लेकिन क्या कार्रवाई होगी? कहीं ये भी लारा तो नहीं था। जैसा परमजीत कौर के साथ हुआ। गांव गुरुवाली में वीरवार को संगत दर्शन में परमजीत कौर पति के िलए इंसाफ मांगने आई थी। बादल ने बात सुनकर पुलिस अफसरों को कार्रवाई करने को कहा था। लेकिन शुक्रवार भी बीत गया किसी भी अफसर ने परमजीत से संपर्क नहीं किया।
ऐसे कई केस हैं। बादल ने तो कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन आज तक लोगों को इंसाफ नहीं मिला। इनमें पीड़ित महिलाएं ज्यादा परेशान हैं। वे इंसाफ के लिए चक्कर काटने को मजबूर हैं। बठिंडा और अन्य िजलों में एक साल में हुए संगत दर्शनों में या तो पीड़ितों को पुलिस ने सीएम से मिलने नहीं दिया। जो मिल पाए उन्हें भी भरोसे के सिवाय कुछ नहीं मिला। बादल के संगत दर्शन सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल बठिंडा पहुंची। टीचर नवनिंदर कौर फिर नई उम्मीद लेकर उनसे मिली। इस बार भी भरोसा ही मिला। हरसिमरत कौर ने एसएसपी को मामले की जांच कर रिपोर्ट करने की बात कर पल्ला झाड़ लिया। नवनिंदर ने बताया, इंसाफ तो मिला नहीं, आरोपियों के नाम जांच के बहाने केस से बाहर कर दिए गए।
5 जनवरी 2014 को100 फुट रोड पर लगे संगत दर्शन में टीचर नवनिंदर कौर पति की मौत और प्रॉपर्टी छिनने के मामले में इंसाफ मांगने गई थी। लेकिन पुलिस वालों ने उसे सीएम से मिलने नहीं दिया। तब से वह दफ्तरों के चक्कर काट रही है।
पुलिस वालों ने महिलाओं को सीएम से नहीं मिलने दिया, उलटा हंसते रहे
4 दिसंबर 2014 कोसीएम बादल ने बठिंडा के तलवंडी साबो, मलुका गांव, सुखलधी, भगवानीगढ़, मानवाला, शेरगढ़, दूनेवाल और मल्लवाला में संगत दर्शन किए थे। सीएम ने हर गांव करीब 10 से 15 मिनट में निपटा दिए थे। संगत दर्शन में लोग अपनी समस्याओं की अर्जियां लेकर ही बैठे रहे लेकिन बादल ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। नेताओं ने तो अपने सिफारिशी लोगों को सीएम से मिलवाया और उनके निजी काम करवाए। लोगों ने इसका िवरोध भी किया था।
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