बठिंडा। 14साल से पानी के लिए संघर्ष कर रहे लाल सिंह बस्ती, अमरपुरा, संगुआणा बस्ती के लोगों को वाटर सप्लाई देने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने 2.25 करोड़ के वाटर वर्क्स का नींव पत्थर रखा। प्रोजेक्ट का काम 9 माह में पूरा होने का दावा किया गया। मगर सच तो यह है कि यह प्रोजेक्ट पुलिस कालोनी की जिस 1200 गज जमीन पर लगता है, उसकी अभी तक होम सेक्रेटरी ने लिखित मंजूरी ही नहीं दी है।
पिछले दिनों उनके के साथ हुई विभागीय अफसरों की मीटिंग में उन्होंने पुलिस कॉॅलोनी की जमीन का इस्तेमाल वाटर वर्क्स के लिए करने की सहमति तो जता दी मगर लिखित तौर पर स्वीकृति बाकी है। यही नहीं इस वाटर वर्क्स से लाल सिंह बस्ती, अमरपुरा और संगुआणा इलाके को पानी देने की योजना है। मगर संगुआणा और नरुआना राेड इलाके को इससे जोड़ने के लिए बठिंडा-बीकानेर रेलवे लाइन क्रासिंग की अभी तक मंजूरी ही नहीं मिली है। मंजूरी तो दूर अभी तक वाटर सप्लाई सीवेरज बोर्ड ने रेलवे बोर्ड के पास इस क्रॉसिंग की मंजूरी लेने के लिए रुपये ही जमा नहीं करवाए हैं। ऐसे में यह वाटर वर्क्स अगर 9 महीने में बन भी गया तो इससे संगुआणा और अमरपुरा इलाके को कोई फायदा नहीं होगा।
प्रोजेक्टमें भी कर दिया फेरबदल, टंकी की क्षमता घटाई : केंद्रीयमंत्री ने 2.25 करोड़ के जिस वाटर वर्क्स प्रोजेक्ट का नींव पत्थर शुक्रवार को रखा यह 2008 में शुरू की गई यूआईडीएसएसएम अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर ऑफ स्मॉल एंड मीडियम टाउन स्कीम का हिस्सा है। प्रोजेक्ट की डीपीआर के तहत पहले अमरपुरा बस्ती, संगुआणा बस्ती, उधम सिंह नगर, बंगी नगर दीप नगर को पानी देने के लिए 2 लाख गैलन पानी की क्षमता का वाटर वर्क्स अमरपुरा बस्ती में बनना था। मगर इसके लिए निगम सीवरेज बोर्ड को जमीन ही मुहैया नहीं करवा पाया। इसके बाद निगम ने ज्ञानी जैल सिंह इंजीनियरिंग कालेज से इस प्रोजेक्ट के लिए 2013 में 6 एकड़ जमीन मांगी। वहां से भी जगह नहीं मिली। फिर निगम ने लाल सिंह बस्ती पुलिस कालोनी में खाली पड़ी करीब 1200 गज जमीन का इस्तेमाल इस प्रोजेक्ट के लिए करने का प्रस्ताव बनाया। जमीन कम होने से प्रोजेक्ट छोटा कर टंकी की क्षमता 1 लाख गैलन कर दी गई।
इससे ऊधम सिंह नगर, दीप नगर, बंगी नगर का इलाका इस प्रोजेक्ट से काटकर इंडस्टि्रयल ग्रोथ सेंटर वाटर वर्क्स से जोड़ दिया गया।