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पत्नी के इलाज के लिए सवा महीने के बेटे का किया सौदा

6 वर्ष पहले
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एक तो आर्थिक तंगी ऊपर से बीमार प|ी का इलाज करवाने में असमर्थ हुए एक व्यक्ति को अपने कलेजे के टुकड़े का सौदा करना पड़ा। पुलिस के मुताबिक पीड़ित पिता ने अपने सवा माह के बेटे को एक लाख रुपए में एक अन्य व्यक्ति को गोद दे दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पिता ने आरोप लगाया कि उसे एक लाख में से 62 हजार रुपए ही मिले। मामला कोतवाली पुलिस के पास पहुंच गया है। बठिंडा का रहने वाला राजू रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालता है। उसका एक डेढ़ वर्ष का बेटा है। करीब सवा माह पहले ही राजू की प|ी ने एक अन्य बेटे को जन्म दिया। बेटे को जन्म देने के कुछ दिनों बाद ही राजू की प|ी को अधरंग(लकवा) हो गया। राजू के पास जो पैसा था उसने प|ी के इलाज पर खर्च कर दिया लेकिन प|ी की हालात में सुधार नहीं हाे रहा था। अब वह प|ी का इलाज करवाने में असमर्थ था। कुछ समय पहले उसका बठिंडा के ज्ञान चंद सिंह नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ, जिनके अपने बेटे की कुछ समय पहले मौत हाे चुकी है। बेटे की कमी कारण ज्ञान सिंह ने राजू से उसका बच्चा गोद लेने की इच्छा जताई। इसके लिए राजू ने कोर्ट में गोदनामा करवाकर कानूनी प्रक्रिया से बच्चा ज्ञान सिंह को सौंप दिया। इसके एवज में उन्होंने राजू की प|ी का इलाज करवाने के लिए उसे 1 लाख रुपए दे दिए। लेकिन कुछ समय बाद राजू की प|ी के मन में पुत्रमोह जाग गया और उसने अपना बच्चा वापस लेने की मांग की। जिसके बाद मामला कोतवाली पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस मामले पर थाना कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार ने कहा राजू द्वारा बच्चा बेचा नहीं गया है। बल्कि उसे अदालत में गोदनामा करवाकर पूरी कानूनी प्रक्रिया से बच्चा ज्ञान सिंह को गोद दिया था। बदले में उसे एक लाख रुपए मिल गये थे। लेकिन राजू की प|ी अपने पुत्रमोह में गोद दिए बच्चे को वापस चाहती है। जांच के बाद बच्चा उसके परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा और बच्चा गोद लेने वालों को उनके पैसे वापस दिला दिए जाएंगे।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे रिक्शाचालक राजू ने एक लाख रुपए में बेटे को दूसरे को दे दिया था गोद