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मेपीकॉन में एडवांस टेक्नोलाॅजी पर डॉक्टरों का जोर
एसोसिएशनऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया की मालवा ब्रांच की तरफ से रविवार को आदेश यूनिवर्सिटी में फर्स्ट वार्षिक कांफ्रेंस मेपीकॉन का आयोजन किया गया। इस कांफ्रेंस में कई नामी-गिरामी डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। माहिर डॉक्टरों को सुनने के लिए मेडिकल स्टूडेंट्स में काफी क्रेज देखने को मिला।
आदेश यूनिवर्सिटी के ऑडिटोरियम में आयोजित मेपीकॉन का शुभारंभ मुख्य मेहमान प्रो. डॉ.जेआर सचदेवा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ.सचदेवा ने कहा कि इस प्रकार के मेगा कांफ्रेंस बेहद जरूरी हैं, क्योंकि इससे मेडिकल की दुनिया में हो रही नई-नई खोजों के बारे में जानकारी हासिल होती है। वहींं एडवांस डायग्नोस के बारे में माहिरों का मार्गदर्शन मिलता है। इसका सबसे बड़ा फायदा मेडिकल स्टूडेंट्स को होता है। उन्होंने इस सफल कांफ्रेंस के लिए आयोजकों को बधाई भी दी।
साइंटिफिकसेशन के दौरान माहिरों ने दी जानकारी
मेपीकॉनमें आयोजकों की तरफ से एक साइंटिफिक प्रोग्राम भी रखा गया था। इस सेशन का आगाज डीएमसी के प्रोफेसर डॉ.दिनेश गुप्ता ने किया। इस दौरान उन्होंने माइक्रो फेज एक्टिवेशन सिनड्रोन विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इस टॉपिक पर डॉक्टरों के सवालों के जवाब भी दिए। इसके बाद डीएमसी के प्रोफेसर डॉ.गगनदीप सिंह ने अपने टॉपिक डायग्नोस एंड मैनेजमेंट ऑफ एपीलेप्सी इन प्राइमरी केयर पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिर्गी को लेकर लोगों में कई प्रकार की भ्रांतियां है। मेडिकल फील्ड में मिर्गी बीमारी को लेकर कई शोध हुए है और हो रहे हैं। उन्होंने इस बीमारी के लक्षणों इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद डॉ.सोनिया गुप्ता ने कुकिंग ऑयल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुकिंग ऑयल के अधिक सेवन से इंसान को कई प्रकार की बीमारियां हो सकती है। अपोलो दिल्ली के प्रो.डॉ. संजीव जसूजा ने एक्यूट रीनल फेलियर्स टॉपिक पर अपने विचार रखे। उन्होंने इस क्षेत्र में एडवांस टेक्नोलॉजी डायलिसिस के बारे में भी जानकारी दी। चंडीगढ़ से विशेष तौर पर पहुंचे डॉ. एस के जिंदल ने कफ मैनेजमेंट पर अपने विचार रखे। वहीं पीजीआई के डॉ.पलब राय ने एमरीकल एंटीबॉयोटिक विषय पर डेलीगेट्स स्टूडेंट्स को जानकारी दी। उन्होंने इस टॉपिक पर डॉक्टरों स्टूडेंट्स के सवालों के जवाब भी दिए। लुधियाना हीरो डीएमसी के डॉ.विश्व मोहन न