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विदेश भेजने का लालच दे जाल में फंसाती थी कंपनी
ऑनलाईन कंप्यूटर शिक्षा देने वाली कंपनी ई-बिज्ज के गिरफ्तार किये गये सदस्यों नेेे कई खुलासा किया है। पुलिस की पूछताछ पकड़े गये कंपनी के सदस्यों ने खुलासा किया है कि कंपनी की सदस्यता ग्रहण करने वाला मेंबर यदि तीन से अधिक व्यक्तियों को कंपनी का मेंबर बनाता है या उन्हें कंपनी के साथ जोड़ता है तो उसे कंपनी 27 हजार रुपये कमिशन का लालच देती थी। इसके अलावा यदि कोई सदस्य इससे भी अधिक लोगों को कंपनी से जोड़ता था उसे विदेश भ्रमण करने उसका पूरा खर्च कंपनी के उठाए जाने का झांसा दिया जाता था। मोटा कमिशन और विदेशी टूर का झांसा देकर कंपनी अब तक देश भर में 12 लाख से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाकर उन्हें अपना सदस्य बना चुकी है।
बताया जाता है कि इस मामले में कंपनी के पकड़े गये सदस्यों की जानकारी मिलने के बाद कंपनी से जुड़े बड़े अधिकारी कंपनी के अन्य सदस्य अंडरग्राउंड हो गए हैं। उधर, कोतवाली पुलिस भी लगातार कंपनी के अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस सोमवार को उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर रखने की मांग कर सकती है।
गौर हो कि शनिवार को टीचर होम बठिंडा में उक्त कंपनी के सेमिनार के दौरान कंपनी के खिलाफ कुछ महिलाओं ने हंगामा कर दिया था। इसके बाद थाना कोतवाली पुलिस ने ई-बिज्ज डाट काम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सात अधिकारियों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि उक्त कंपनी को सरकार से कोई मान्यता नहीं है। यह लोगों को ऑनलाइन कंप्यूटर शिक्षा देने का झांसा देकर उनसे हजारों रुपये की ठगी करती है। वहीं पुलिस ने इस संबंध में पीड़ित हरजिंदर कौर वासी गांव बरन जिला मानसा जो इस समय भुच्चो कलां में रहती हैं की शिकायत पर उक्त कंपनी के डॉ. पवन कुमार, धनी चंद, टिंकू, सुरिंदर सिंह, पुनीत सिंह, जसविंदर, सुखदीप सिंह, राहुल कुमार, राजविंदर सिंह, मनदीप सिंह रूपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई प्रताप सिंह ने बताया कि उक्त कंपनी का मुख्य ऑफिस नोएडा में है, पंजाब में इनका काेई दफ्तर नहीं है। यह सेमिनार कर लोगों को अपने साथ जोड़ते थे। कंपनी के कुछ लोग पकड़े गये हैं। अन्य फरार है, छापेमारी जारी है।
भास्कर
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