बठिंडा। सेहत विभाग की गलती का खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा। परीक्षा केंद्र में बैठाने के बाद परीक्षार्थियों को पेपर कैंसिल होने की जानकारी दी गई। हैरानी की बात तो यह कि विभाग को पेपर कैंसिल होने की सूचना बीती शाम ही महकमे को मिल गई थी। बावजूद इसकी सूचना पहले प्रकाशित नहीं की। इससे परीक्षा देने आए उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। विरोध में परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों ने नारेबाजी कर अपना गुस्सा निकाला।
जानकारी के अनुसार पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने कुछ समय पहले जिला नशा छुड़ाओ एवं पुनर्वास सोसाइटी के अधीन चलाए जा रहे सेंटरों पर ठेका आधारित काउंसलर अन्य पदों के लिये इश्तेहार जारी किया गया था। इसके तहत बठिंडा में भी उक्त सेंटर के लिये 3 पदाें को ठेके के आधार पर भरा जाना था। उक्त पदों के लिये रविवार 21 सितंबर को पेपर होना था। बठिंडा के सिविल अस्पताल स्थित जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
सुबह 11 से 12 बजे तक परीक्षा का समय निर्धारित था। उक्त केंद्र पर बठिंडा के अलावा, फरीदकोट, डबवाली, मानसा, फिरोजपुर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, फाजिल्का, अबोहर, संगरूर, सिरसा हरियाणा, गिदड़बाहा के 56 उम्मीदवारों को परीक्षा देनी थी। सभी परीक्षार्थी निर्धारित समय 11 बजे परीक्षा केंद्र में मौजूद थे। परीक्षा की औपचारिकता भी पूरी की गई।
करीब अाधा घंटा तक उन्हें पेपर नहीं दिया गया। थोड़ी देर बाद उन्हें सूचना दी गई कि उनका पेपर कैंसिल हो गया है। अब यह पेपर 29 सितंबर को होगा। यह सुनते ही सभी परीक्षार्थियों के होश उड़ गये। किसी को समझ नहीं रहा था कि यह कैसे हो गया। क्योंकि यदि पेपर कैंसिल हो गया था तो विभाग ने उन्हें इसकी सूचना पहले क्यों नहीं दी।
इतना ही नहीं उनसे यह भी कहा गया की जो परीक्षार्थी हस्ताक्षर करके जायेगा उसी को 29 तारीख को होने वालो पेपर में बैठने दिया जायेगा। इससे परीक्षा देने आये परीक्षार्थी भी दुविधा में पड़ गये कि एक तो उनका पेपर कैंसिल हो गया, ऊपर से 29 को होने वाले पेपर के लिये पहले से ही उनसे साइन क्यों करवाये जा रहे हैं।
अफसरों ने झाड़ा पल्ला, कहा हेल्थ सेक्रटरी का आया था मैसेज : उम्मीदवारोंका पेपर कैंसिल होने पर जब विभाग के डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. विनोद गर्ग से उनकी प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा कि कल शाम चंडीगढ़ से हेल्थ सेक्रटरी का मैसेज आया था, जिसमे लिखा था कि किन्हीं कारणों से पेपर कैंसिल कर दिया गया है। अब यह पेपर 29 सितंबर को हाेगा। जिला हेल्थ कमेटी के चेयरमैन स्वयं डिप्टी कमिश्नर हैं। उन्हें इसकी सूचना दी गई थी। कमेटी से फैसला होने के बाद ही पेपर कैंसिल होने की सूचना उम्मीदवारों को दी गई।
परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने किया रोष प्रदर्शन: विरोध जताते हुए सभी उम्मीदवार परीक्षार्थी केंद्र से बाहर गये और विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जताया। उनका कहना था कि विभाग को कल शाम ही पेपर केंसिल होने की सूचना मिल गई थी, तो उन्हें इसके बारे में पहले क्यों नहीं बताया गया। यहां तक की विभाग के पास सभी उम्मीदवारों के फोन नंबर ई-मेल आईडी भी थे, फिर भी उन्हें पेपर कैंसिल होने की सूचना नहीं दी गई। यदि उन्हें पहले इसका पता चल जाता तो उनका समय पैसा बर्बाद होता। बलकार सिंह वासी भोखड़ा, जिला बठिंडा, अर्शप्रीत सिंह पटियाला, गुरप्रीत सिंह श्री मुक्तसर साहिब, साहिब सिंह बरकंदी जिला बठिंडा, शाहीगा वासी मलेरकोटला फिरोजपुर से आये जोगिंदर सिंह ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि विभाग की गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है।
उनका कहना था कि यदि उन्हें पहले की इसकी सूचना मिल जाती तो उन्हें इस तरह परेशान नहीं होना पड़ता। परीक्षा केंद्र में जिले के डिप्टी मेडिकल कमिश्नर परीक्षा केंद्र में आए और कहने लगे की कोई तकनीकी खराबी के कारण पेपर कैंसिल हो गया है।
परीक्षार्थियों ने कहा-जब पहले सूचना गई थी तो हमें क्यों नहीं बताया गया ।
(सिविल अस्पताल में परीक्षा देने आए विभिन्न जिलों के उम्मीदवार नारेबाजी करते।)