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हैप्पीनेस कैंप में साधकों को दिए तनावमुक्त जिंदगी जीने के टिप्स
आर्टआफ लीविंग की ओर से तनावमुक्त जिंदगी जीने के टिप्स देने के लिए आयोजित छह दिवसीय मेगा हैप्पीनेस कैंप का रविवार को समापन हो गया।
होटल सफायर के हॉल में आयोजित मेगा हैप्पीनेस कैंप में भाग लेने वाले साधकों का मार्गदर्शन करते हुए आर्ट आफ लीविंग की सीनियर टीचर मां गौरी शारदा ने कहा कि जिंदगी को कलात्मक ढंग से जीना चाहिए। मन बेहद चंचल है। इसे पकड़ा नहीं जा सकता। अपनी भावना पर नियंत्रण ही जीवन जीने की कला है। उन्होंने बताया कि श्वास क्रिया सुदर्शन का अभ्यास खुले में करके बालकनी अथवा बंद कमरे में करें, ताकि हवा में तैर रहे मिट्टी के कण श्वास में नहीं मिल पाएं। वहीं पवित्रता के लिहाज से पूजा घर में अभ्यास करते वक्त अगरबत्ती एवं धूप जलाएं। समापन अवसर पर साधकों ने भी अपने-अपने अनुभव सांझा किए।
राजकुमार, गौरव सुखविंदर सिंह ने कहा कि शिविर ने उन्हें सकारात्मक सोच दी। हर पल विचार मग्न रहने से निजात मिली और सही मायनों में अब उन्हें जिंदगी जीने की कला का पता चला है। डॉ. प्रियांश ने बताया कि मेडिकल में हर मर्ज की दवा तो है, लेकिन माइंड सेटअप आध्यात्मिक शक्ति बीमारी से लड़ने की ताकत देती है। सुनीता ने बेहद भावुक अंदाज में अपने अनुभव सांझा करते बताया कि शिविर में सिखाई गई बातों को वो पहले भी जानती थी, लेकिन उस ज्ञान का अहसास शिविर में आने पर हुआ।
इधर, वर्ल्ड पीस डे के उपलक्ष्य में आर्ट आफ लीविंग की तरफ से शाम 7 से 8 बजे तक होटल सफायर में विश्वस्तरीय सामूहिक मेडिटेशन का आयोजन किया गया, जिसमें साधकों ने एक साथ मेडिटेशन किया और सत्संग दिव्य भजन का आनंद लिया।
हैप्पीनेस कैंप में उपस्थित साधक।
आर्ट आफ लीविंग कैंप मेंे अपने अनुभव सांझा करते साधक।