- Hindi News
- अस्पताल बाजार में पार्किंग प्लेस नहीं, रोजाना होता है ट्रैफिक जाम
अस्पताल बाजार में पार्किंग प्लेस नहीं, रोजाना होता है ट्रैफिक जाम
बठिंडा।फेस्टीवल सीजन में यदि आप खरीददारी की योजना बना रहे हैं, तो विशेष तैयारी के साथ ही बाजाराें मे जाएं। बाजारों में आपको ट्रैफिक समस्या से जूझना पड़ सकता है। भास्कर की टीम ने रविवार को शहर के सबसे व्यस्ततम बाजारों में से एक अस्पताल बाजार का दौरा किया, तो पाया कि इस बाजार में ट्रैफिक एक गंभीर समस्या है, जिससे ना केवल यहां खरीददारी के लिए आने वाले लोगाें को परेशानी होती है, बल्कि स्थानीय दुकानदार भी इससे परेशान हैं।
अस्पतालबाजार से होती है मुख्य बाजारों में एंट्री
अस्पतालबाजार की मुख्य सड़क से इलाके के सभी बाजारों में एंट्री हाेती है। ऐसे में उक्त सड़क पर ट्रैफिक समस्या पैदा होने पर बाजार के दोनों एंट्री प्वाइंट्स पर भी जाम लग जाता है। उक्त बाजार में ज्यादातर मेडिकल शॉप्स हैं। इस वजह से यहां लोगों का आना जाना अधिक होता है। लेकिन समस्या यहां आने के बाद शुरू होती है। जब लोगों को पार्किंग समस्या से जूझना पड़ता है। इसका सीधा असर यहां के दुकानदाराें के व्यापार पर पड़ता है।
पार्किंगप्लेस नहीं होने के चलते है समस्या
अस्पतालबाजार में गाड़ियों के लिए कोई निश्चित पार्किंग प्लेस नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ समय पहले यहां वन वे ट्रैफिक शुरू हुई थी, परंतु कुछ दिन बाद ही वन वे ट्रैफिक को बंद कर दिया गया। जिससे फिर से बाजार में अक्सर जाम की स्थिति पैदा होने लगी। दुकानदारों का कहना है कि बाजार की ट्रैफिक समस्या दूर करने के लिए बाजार के दोनों एंट्री प्वाइंट्स पर ट्रैफिक कर्मचारियों की नियमित तैनाती होनी चाहिए, ताकि गलत पार्किंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। कभी-कभी तो जब कोई दूसरा व्यक्ति दुकानों के आगे अपनी कार खड़ी कर देता है, तो झगड़े की नौबत तक जाती है। बाजार के दोनों ओर एंट्री प्वाइंट्स पर लगे संगलों को भी पक्के तौर पर हटा देना चाहिए, ताकि ट्रैफिक बाधित नहीं हो। इसके अलावा माल रोड की ओर से बाजार में होने वाले एंट्री प्वाइंट पर लगे लोहे के खंभो को भी पक्के तौर पर हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा बाजार मेंं ट्रैफिक पुलिस का बोर्ड, फ्लैक्स भी लगाया जाना चाहिए, जिस पर कर्मचारियों का टेलीफोन नंबर लिखा हो। ताकि गलत पार्किंग करने वालों की शिकायत की जा सके।
एंट्री प्वाइंट्स पर ट्रैफिक कर्मचारियों की तैनाती हो
^बाजारके दोनों