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पहले कड़ी मेहनत, अब राशि के लिए वेट

7 वर्ष पहले
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डीईओ ऑफिस को भेजे जा चुके हैं चेक

^चेकडीईओ कार्यालय को भेजे जा चुके हैं, चेक 14 अक्टूबर की तारीख के हैं और इन्हें बैंक में क्लीयरेंस के लिए पहले नहीं लगाया जा सकता है इसलिए यह चेक 13 अक्टूबर को ही बांटे जाएंगे। बलजीतसिंह, जिलासाइंस सुपरवाइजर बठिंडा

बठिंडा के 177 विद्यार्थियों को है इंतजार

जिलेसरकारी निजी स्कूलों के एक सौ सत्तर बच्चों ने इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में अपने हाथ से बनाए वर्किंग मॉडल सजाए थे। डेढ़ दर्जन बच्चों के मॉडल प्रदेश स्तरीय मुकाबले के लिए चुन लिया गया। सरकारी स्कूल बठिंडा सरकारी सीसे स्कूल दयोण के मॉडल सराहे भी गए।

राज साइंस शिक्षा विभाग विज्ञान में बच्चों की रुचि बढ़ाने नन्हे वैज्ञानिकों की तलाश करने के लिए यह इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी का आयोजन कराता है। इसमें सरकारी निजी स्कूलों के छठी से दसवीं तक के बच्चे अपने गणित विज्ञान के अध्यापकों के मार्गदर्शन में वर्किंग मॉडल तैयार करते हैं। शिक्षा विभाग मॉडल तैयार करने और इसे लाने और ले जाने के एवज में प्रत्येक बच्चों को पांच हजार रुपये की राशि का चेक बच्चों को अग्रिम पे करता है।

भास्कर न्यूज | बठिंडा

पहलेइंस्पायर अवॉर्ड में मॉडल बनाने के लिए स्कूली बच्चों ने की दिन रात मेहनत की। अब उसके एवज में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए चेक मिलने की दिन रात राह देख रहे हैं। तकरीबन उन्नीस दिन बीत जाने के बाद भी इनकी सुनवाई करने को कोई तैयार नहीं है।

जबकि 28 से 30 अगस्त को संपन्न हुए इंस्पायर अवार्ड प्रदर्शनी में बच्चों के मॉडल को देखने के लिए शिक्षा विभाग के प्रदेश स्तरीय से लेकर जिले स्तर के बड़े हाकिम पहुंचे थे। जहां बच्चों के मेहनत और उनके मॉडलों की सराहना की थी। यही नहीं इसमें से राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए चुनिंदा मॉडलों का चयन कर मुकाबले में शामिल किया था। पर जब उन्हें इसकी प्रोत्साहन राशि देने की बात आई तो सब अपना-अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। यहीं नहीं बच्चों को झूठा दिलासा देकर उन्हें भरोसे की थपकी लगा रहे हैं। जबकि सरकार और शिक्षा विभाग की इस योजना के मुताबिक इसके लिए जब स्कूलों और बच्चों का चयन किया जाता है, तभी उन्हें इसके तहत मिलने वाली 5 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक मुहैया कराने का प्रावधान है। बावजूद उन्हें इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

लापरवाही