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दोपहर बाद आई आंधी के कारण समागम स्थल पर रखे स्पीकरों के बॉक्स एस्ट्रोटर्फ पर गिर गए

7 वर्ष पहले
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(राजिंदरा कॉलेज में चल रहे वर्ल्ड कबड्डी लीग के दूसरे दिन पंजाब थंडर्स व वैंकूवर
लॉयंस के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया।
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बठिंडा | अव्यवस्थाओं के बीच बठिंडा में हुई वर्ल्ड कबड्डी लीग हॉकी खिलाड़ियों को काफी महंगी पड़ने वाली हैं। रविवार को आई आंधी से समागम स्थल पर रखे स्पीकरों के बक्से एस्ट्रोटर्फ पर गिर जाने से लाखों रुपये का एस्ट्रोटर्फ फट गया। अब कबड्डी के बाद हॉकी के खिलाड़ियों को इससे भारी परेशानी सकती है। शनिवार को कबड्डी टीमों के खिलाड़ी आटो में बैठकर मैदान तक पहुंचे, तो रविवार को लीग में रंग जमाने पहुंची चीयर लीडर्स को भी आटो का सहारा लेकर होटल से समागम स्थल पर आना पड़ा। वर्ल्ड कबड्डी लीग कुल मिलाकर दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पाई और अधिकांश पवेलियन खाली पड़ा दर्शकों का इंतजार करता रहा। मैच के दौरान खिलाड़ियों में जोश पैदा करने के लिए जब दर्शक कम पड़ गए तो साउंड के जरिए रिकार्डिंग बजाकर हूटिंग की गई।

दर्शकपड़े कम, नकली हूटिंग से माहौल बनाने की कोशिश : शनिवार को स्टेडियम खाली रहने के कारण लीग आयोजकों ने डीसी से अपील की कि वो लोगों को मैच देखने के लिए भेजे। इसके बाद डीसी ने लोगों को बड़ी मात्रा में पास वितरित किए और जो गेट बंद किए गए थे, उनको भी खोल दिया गया। लेकिन फिर भी भीड़ इकट्ठी नहीं हो पाई। इस कारण आयोजकों ने साउंड इफेक्ट देकर नकली हूटिंग कराई।

ग्रांउड में ही चलती है सिगरटनोशी : भले ही पंजाब में सिगरटनोशी पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन लीग आयोजकों के 80 फीसदी कर्मचारी सिगरटनोशी करते हैं। इस कारण वो खेल ग्रांउड में ही सिगरेटें पीते रहते हैं। दिन के समय तो सबके सामने ही पीते हैं जबकि शाम को मैच के समय वीवीआईपी गैलरी के पीछे खड़े होकर सिगरेटें फूंकते हैं।

कोचमदन लाल के दस शागिर्द कबड्डी लीग में : इस कब्बडी लीग का एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि इस लीग में बठिंडा के डीएवी कॉलेज के कब्बडी कोच मदन लाल के 10 शागिर्द भाग ले रहे हैं। मदन लाल से दांव पेच सीख कर आज वो कबड्डी में बुलंदियां छू रहे हैं। ट्रेनिंग प्राप्त करने वालों में गुरलाल, मनिंदर विक्की घनौर, कमनदीप, कुलवीर, निशान सिंह, बोहड़ सिंह, जसकरन सिंह जस्सा, गगनदीप सिंह, जगदीप सिंह काका करनदीप सिंह शामिल हैं। बठिंडा के लिए ये बड़े गर्व की है।

भाई सगे हैं लेकिन हैं विरोधी टीमों में : इसलीग में कई सगे भाई भी खेल रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि वे एक दूसरे के विरोधी टीम में हैं और ये टीमें एक दूसरे के खिलाफ खेल भी चुकी हैं। लेकिन किसी भी मैच में उनका एक दूसरे के साथ कभी सामना नहीं हुआ।

जबकि इनमें से एक रेडर तो दूसरा स्टापर है। विश्व कप कब्बडी में अपनी प्रतिभा दिखाने वाले पटियाला जिले के गांव समसपुर के सुलतान सिंह अब विश्व कब्बडी लीग में भाग ले रहा है। सुलतान सिंह का भाई दलजीत सिंह भी इसमें शामिल हैं। उनके पिता प्रीतम सिंह भी अपने समय के कबड्डी के मशहूर खिलाड़ी रहे हैं। सुलतान सिंह लीग में पंजाब थंडर्स टीम की ओर से खेल रहा है जबकि दलजीत सिंह रॉयल किंग्स की ओर से। भले ही दोनों विरोधी टीमों में खेल रहे हैं। लेकिन कभी भी एक दूसरे का सामना नहीं करना पड़ा।
दिल्ली के इंद्रा गांधी इनडोर स्टेडियम में सुलतान दलजीत की टीमों का आपस में मैच हुआ था। इसमें सुलतान की टीम पंजाब थंडर्स ने दलजीत की टीम रायल किंग्स को हराया था। सुलतान अब तक एक मैच में मैन ऑफ मैच दलजीत एक मैच में पावर ऑफ मैच का खिताब जीत चुके हैं। इसी प्रकार जिला संगरूर के गांव कालिया के गुरविंदर सिंह के दो खिलाड़ी बेटे कमनदीप सिंह कुलबीर भी लीग में खेल रहे हैं। कमनदीप कुलबीर दोनों स्टापर हैं। कमनदीप कैलेफाेर्नियां इगलज के लिए खेलता है जबकि कुलबीर कालिया यो यो टाइगर्स के लिए। इनके अलावा गुरविंदर गोलू युनाइटेड सिंहज खुशदीप टिंकू पंजाब थंडर्स के लिए खेल रहे हैं।
आंधी ने कबड्‌डी लीग आयोजकों की बढ़ाई टेंशन: हॉकी स्टेडियम के एस्ट्रोटर्फ पर कबड्‌डी लीग आयोजित की जा रही है। रविवार को आंधी के कारण वहां लगाए गए स्पीकर के बक्से गिरने से एस्ट्रोटर्फ फट गये।

राजिंदरा कॉलेज में चल रहे वर्ल्ड कबड्डी लीग के दूसरे दिन पंजाब थंडर्स वैंकूवर लॉयंस के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। गेम के पहले दिन खिलाड़ियों को मैदान तक पहुंचने की व्यवस्था होने उन्हें ऑटो में आना पड़ा और रविवार को चीयर लीडर्स को।

रविवार को दापहर बाद अचानक मौसम बदल गया, आसमान मंे काले बादल छा गए और तेज हवाऐं चलने लगीं। इससे हॉकी स्टेडियम में चल रहे कबड्डी लीग मैच के लिए सजाए गए मैदान की तस्वीर ही बदल गई। इससे आयोजकों की टेंशन बढ़ गई। आंधी के कारण सारा सामान इधर-उधर हो गया और मैट भी हवा में बिखर गए। ( फोटो : एसएस सोनू )