बठिंडा | सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्राेजेक्ट का जायजा लेने वीरवार को बठिंडा पहुंचे निकाय विभाग के सेक्रेटरी कम पीएमआईडीसी के सीईओ जेएम बालामुर्गन ने कंपनी के इनफ्रास्ट्रक्चर पर असंतुष्टि जताई। उन्होंने जब जेआईटीएफ कंपनी के अफसरों से जवाब मांगा तो कंपनी अफसरों ने कहा कि उन्हें कौंसिलें पूरी अदायगी नहीं कर रही, ऐसे में कुछ कमियां तो रहेंगी ही।
उधर, इस प्राेजेक्ट को शहरी क्षेत्र में लगाने का विरोध कर रहे कैप्टन मल सिंह सीनियर सिटीजन निकाय सचिव से मिलने के लिए निगम दफ्तर डेढ़ घंटा इंतजार कर लौट गए। कुल मिलाकर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट पर तो सेक्रेटरी संतुष्ट दिखे, कंपनी और ही लोग।
इस मामले में 29 सितंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दिल्ली में सुनवाई है। ट्रिब्यून ने पिछली सुनवाई पर कंपनी को कचरे से प्लास्टिक अलग करने के निर्देश दिए थे। अब होने वाली सुनवाई पर निगम कचरे से प्लास्टिक को अलग करने संबंधी अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगा।
अबोहर और तपा कौंसिलें ने नहीं की लाखों की अदायगी : निकाय सचिव ने वीरवार को दोपहर मानसा रोड स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की साइट का दौरा करने के बाद निगम दफ्तर में जेआईटीएफ कंपनी के अफसरों के साथ मीटिंग की। इस दौरान सचिव जेएम बाला मुर्गन ने वह इससे पहले मानसा शहर का दौरा भी करके आए हैं, मगर कंपनी की तरफ से कचरा उठाने के लिए इस्तेमाल की जा रही मशीनरी की कमी है, जिससे रूटीन का कचरा पूरी तरह नहीं उठ रहा।
उन्होंने कंपनी अधिकारियों को पर्याप्त मशीनरी का प्रबंध करने के निर्देश दिए।
उधर, कंपनी की तरफ से पहुंचे प्रोजेक्ट ऑफिसर ने रोष जताया कि बठिंडा क्लस्टर के अंडर आती 18 कौंसिलें में से अधिकांश उन्हें समय पर कचरा उठाने के एवज में अदायगी नहीं कर रही। कंपनी अफसर बोले कि अकेली अबोहर नगर कौंसिल की तरफ ही 25 लाख रुपए और तपा कौंसिल की तरफ 10 लाख की अदायगी बाकी है।
समय पर अदायगी होने से उनका काम प्रभावित हो रहा है। यही नहीं कंपनी अफसरों ने बताया कि बठिंडा शहर में उन्हें मात्र 15 फीसदी दुकानदार ही कचरा उठाने का शुल्क दे रहे हैं, जबकि बाकी अदायगी नहीं कर रहे।
इससे उन्हें घाटा सहना पड़ रहा है। वहीं अगर इस प्रोजेक्ट पर शुरू से ही लगातार विवाद चलता रहा है और अब इस मामले में कचरे से प्लास्टिक अलग करने के मामले में 29 सितंबर को दिल्ली में एनजीटी के सामने होगी।
निकाय सचिव से मिलने आए लोग करते रहे इंतजार
जैसेही वार्ड नंबर 29 यहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जाना है के लोगों को निकाय सचिव के बठिंडा पहुंचने और प्राेजेक्ट साइट पर आने का पता चला तो वह उनसे मिलने के लिए मौके पर पहुंच गए। मगर निकाय सचिव लोगों के पहुंचने के कुछ मिनट बाद ही वहां से चले गए।
इसके बाद कैप्टन मल सिंह, सुखदेव सिंह बुट्टर, गुरचरण सिंह, रणजीत सिंह करनैल सिंह अन्य लोेगों के साथ निकाय सचिव से मिलने के लिए निगम दफ्तर में 5 बजे पहुंचे। यहां पर निकाय सचिव ने उन्हें मिलने का समय दिया था। मगर यहां पर अफसरों की मीटिंग बंद कमरे में चलती रही और डेढ़ घंटा इंतजार करने के बाद प्रभावित लोग सचिव से बिना मिले ही मायूस लौट गए।
निकाय सचिव जेएम बालामुर्गन बठिंडा नगर निगम अधिकारियों और जेआईटीएफ कंपनी के अधिकारयों से मीटिंग के बाद असंतुष्टि जताई। यह फोटो कुछ दिन पुराना है जब साॅलिड वेस्ट प्लांट में कचरे पर ही पौधे लगाए गए। मगर अभी भी यहां पौधे सही तरह से पनप नहीं पाए हैं।
निकाय विभाग के सेक्रेटरी कम पीएमआईडीसी के सीईओ ने कंपनी के इनफ्रास्ट्रक्चर पर जताई असंतुष्टि ।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट : अब एनजीटी में सुनवाई 29 को ।