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अपने भक्तों की रक्षा के लिए दौड़े आते हैं भगवान

7 वर्ष पहले
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यदिभगवान की कृपा प्राप्त करनी है, तो सब धर्म-कर्म छोड़कर भगवान की शरण में आना होगा। इन शब्दों का प्रकटावा साध्वी भुवनेश्वरी देवी ने हरपाल नगर के गीता भवन में आयोजित प्रवचन समागम के दौरान किया। उन्होंने कहा कि शरणागत की रक्षा के लिए भगवान भागे-दौड़े आते हैं। उन्होंने कहा कि अपने भगवान का सदा अनुकूल चिंतन करना चाहिए। जब तक जीव अपने गुरु की आज्ञा का पालन नहीं करेगा। श्रद्धा और विश्वास नहीं रखेगा। तब तक शरणागति की प्राप्ति नहीं हो सकती। अहंकार को छोड़ कर दीनता का भाव लाना होगा। दीनता के बिना शरणागति हो ही नहीं सकती। खुद को भगवान की भक्ति में लीन कर लो। यही भक्ति हमारे साथ जाएगी। इससे पहले पूजा करवाने की रस्म विनय वर्मा, सुरेश कुमार, बलदेव सिंह, तीर्थ मित्तल ने निभाई। इस कथा के आयोजन में श्री श्यामा श्याम समिति के सदस्य डीपी गोयल, दर्शन कुमार गर्ग, प्रदीप बंसल, रेवती जी, अमृतपाल, भोला, रॉकी ने विशेष सहयोग दिया।

गीता भवन में प्रवचन करती हुई साध्वी भुवनेश्वरी देवी।