पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • खुद नहीं तो पत्नियों को चुनाव में उतारने की तैयारी

खुद नहीं तो पत्नियों को चुनाव में उतारने की तैयारी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बठिंडा. नगर निगम की नई वार्डबंदी की घोषणा होने के बाद जहां भाजपाइयों ने अपनी पत्नियों के लिए सियासी पिच तैयार करनी शुरू कर दी है, वहीं अकाली पार्षदों ने ही वार्डबंदी पर सवाल उठा निगम कमिश्नर, डिप्टी सीएम और एससी कमिश्नर के पास एतराज दर्ज कराने शुरू कर दिए हैं।
सीनियर कांग्रेसी और भाजपा नेताओं के वार्डों को तो रिजर्व (महिलाओं के लिए) करने से उनका चुनाव लड़ने का रास्ता ही बंद कर दिया गया है। वहीं इस उठा-पटक से जो वार्ड तैयार हुए हैं, अब वहां पर बागियों की फौज सियासी दलों का इंतजार कर रही है।

जोड़-तोड़ करने में जुट गए हैं सभी नेता

वार्ड नंबर 49 को तोड़कर 23 बनाया गया है, जो महिलाओं के लिए रिजर्व है। यहां से वार्डबंदी कमेटी के सदस्य इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन अशोक भारती अपनी प|ी को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर चुके हैं। यहां से पहले रचना ओबराय बतौर आजाद पार्षद चुनाव जीती थी, जो सत्तापक्ष में शामिल हो गई थी।

वार्ड नंबर 21 रिजर्व होने से अब यहां से लगातार 17 साल तक पार्षद रहे कृष्ण गर्ग अपनी प|ी को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं।

पत्नियों को पीछे कर खुद उतरेंगे चुनाव मैदान में : वार्डनंबर 22 को पिछड़ी श्रेणी के लिए रिजर्व किया गया है, यहां से पहले पूर्व पार्षद बसंत अग्रोहिया की पत्नी चुनाव जीती थी, मगर इस बार बसंत अग्रोहिया खुद भाजपा की टिकट पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वार्ड नंबर 29 को अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व कर उसमें 23 और 25 नंबर वार्ड को तोड़कर शामिल कर दिया। अब यहां से पूर्व पार्षद त्रिलोक सिंह ठेकेदार खुद चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैँ, जबकि पिछली बार उनकी पत्नी यहां से पार्षद थी।

-अकाली भाजपा सरकार होने के बावजूद 2012 में वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़कर जीतने वाले कांग्रेसी नेता इकबाल सिंह ढिल्लों का वार्ड लेडीज रिजर्व कर दिया गया है। इससे वह खुद चुनाव ही नहीं लड़ पाएंगे।

-शहरी कांग्रेस के पूर्व प्रधान वरिष्ठ नेता अशोक कुमार का वार्ड नंबर 21 नई बस्ती भी महिला आरक्षित कर इनके भी चुनाव लड़ने का रास्ता बंद कर दिया गया है।

-वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और 34 साल तक पार्षद दो बार प्रधान रह चुके जगरूप सिंह गिल का वार्ड नंबर 44 को तोड़कर नया वार्ड बना उसे स्त्रियों के लिए रिजर्व कर दिया गया है।