बठिंडा। पंजाब ऑफ्थेलमोलॉजिकल सोसायटी की तरफ से सेंट्रल यूनिवर्सिटी कैंपस में आयोजित दो दिवसीय 18 वां वार्षिक कांफ्रेंस रविवार को समाप्त हो गया। कांफ्रेंस में मौजूद सभी डॉक्टरों ने अमृतसर में आयोजित होने वाली अगली वार्षिक कांफ्रेंस में मिलने की बात कहकर एक-दूसरे को अलविदा कहा। वहीं इस कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान से आई सर्जन डॉ.समीरा इरफान भी बठिंडा विशेष तौर पर पहुंची थी। कांफ्रेंस के अंतिम दिन कॉर्निया भेंगापन पर अंबाला के आई सर्जन डॉ.अमित गुप्ता ने अपने विचार रखे।
डॉ. अमित गुप्ता ने कहा कि आंखों के भेंगापन का इलाज ऑपरेशन के जरिए आसानी से हो सकती है। डॉ.गुप्ता ने बताया कि पहले लोग सोचते थे कि जिसकी आंख में भेंगापन है वह उम्रभर रहेगा, पर विज्ञान ने सब कुछ बदल दिया है। अंतिम दिन लाइव सर्जरी का रिले भी यूनिवर्सिटी कैंपस के हॉल में किया गया। शहर के एक अस्पताल में एक आई सर्जन द्वारा नई तकनीक से किए जा रहे आंख की सर्जरी का सीधा प्रसारण कांफ्रेंस में बैठे डॉक्टरों ने देखा।
मैने भारत में अभी तक छह आई कांफ्रेंस अटेंड किया है। भारत में पाकिस्तान के मुकाबले इलाज की तकनीक काफी एडवांस है। आंखों की सर्जरी के क्षेत्र में नया क्या हो रहा है। यह जानने के लिए मैं भारत में आई कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए अक्सर आती हूं। उक्त बातें पाकिस्तान के लाहौर की आई सर्जन डॉ.समीरा इरफान ने कही।
डॉ.समीरा को पंजाब ऑफ्थेलमोलॉजिकल सोसायटी का लाइफ मेंबर भी चुना गया। डॉ.समीरा ने कहा कि उन्हें भारत में आकर यहां के लोगों का काफी प्यार मिलता है। वह लाहौर में एक चैरिटेबल आई अस्पताल में काम करती है।
पाकिस्तान में एडवांस हेल्थ टेक्निक की कमी: डॉ.समीरा
(पाकिस्तान से आई डॉ.समीरा इरफान।)