सिटी फैक्ट
नाभारियासत के जिला बरनाला को तोड़कर बठिंडा को अलग किया गया। इसके बाद बठिंडा फरीदकोट मानसा तीनों का एक ही जिला बना, जिसका प्रबंध बठिंडा में कोई प्रबंधकीय इमारत होने से फरीदकोट की रियासती इमारतों में ही चलता था।
1956में
मेंपहली सरकारी इमारत जिला कचहरी कांप्लेक्स के तौर पर बनी, जिसमें कोर्ट के साथ प्रशासकीय दफ्तर चले। यही से बठिंडा जिले की नींव टिकी। 8 अगस्त 1972 को फरीदकोट को बठिंडा जिले से अलग कर दिया गया और 1992 में मानसा को भी बठिंडा से अलग कर जिला बना दिया गया। इसके बाद से जो बठिंडा जिले का स्वरूप बना वह अब तक कायम है।