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एक घंटे में ही डीसी ने निपटा दिया संगत दर्शन

7 वर्ष पहले
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बठिंडा। पब्लिक की समस्याओं का ऑन स्पॉट सॉल्यूशन करने के लिए छह महीने बाद डीसी बसंत गर्ग ने सोमवार को संगत किया। मगर इसमें सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि केवल 1 घंटे में ही उन्होंने संगत दर्शन को निपटा दिया। डीसी साहब ने 10 बजे संगत दर्शन शुरू किया और 11 बजे उठ गए। जबकि दोपहर 1 बजे तक फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे थे। वहीं उन्होंने दावा किया कि 2 जुलाई के संगत दर्शन में उठे 54 मामलों को निपटा दिया गया है। जबकि भास्कर ने दो दिन पहले ही खुलाया किया था कि 16 मामलों की जांच की गई और इनमें से 14 का समाधान नहीं हो पाया था। संगत दर्शन में सुबह साढ़े नौ बजे से 11 बजे तक रजिस्ट्रेशन का समय दिया था।
काम तो लटका ही है : कमालू सवैच वासी 85वर्षीय बुजुर्ग हरदम सिंह संगत दर्शन के लिए आए लेकिन उनको डीसी से दफ्तर में ही मिलना पड़ा। उन्होंने बताया कि उनके खेत की गिरदावरी ठीक नहीं की गई। वो मौड़ मंडी के तहसीलदार के दफ्तर के 1 साल से चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उनका काम नहीं हुआ।
दहेज के मामले को लेकर मिलना था डीसी से : रामपुरा वासी मधोलासिंह भी डीसी के संगत दर्शन में भाग लेने के लिए आए थे। उनको उम्मीद थी कि सभी विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद होंगे और उनकी समस्या का हल जल्दी हो जाएगा। लेकिन संगत दर्शन उनके आने से पहले ही समाप्त हो चुका था। इस कारण परेशानी हुई।
मैं जब पहुंचा तो डीसी साहब अपने दफ्तर में जा चुके थे : बठिंडा वासी बलजीतकौर डीसी से मिलने के लिए आई थी। उन्होंने बताया कि उनके सुसराल वाले काला सिंह सिद्धू बस्ती में हैं। उनकी शादी 28 मार्च 2012 को हुई थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही वो दहेज की मांग करने लगे। इसके लिए महिला थाने से लेकर डीएसपी और एसएसपी को मिल चुके हैं। लेकिन उनकी समस्या नहीं सुनी गई। अब देखते हैं आगे क्या होगा।
गांव हररायपुर केगुरुद्वारा जंड साहिब की प्रबंधकीय कमेटी के सदस्य प्रधान अच्छर सिंह की अगुवाई में डीसी से मिलने के लिए आए थे। लेकिन उनके आने से पहले ही संगत दर्शन को खत्म करके डीसी अपने दफ्तर में पहुंच चुके थे। डीसी के दफ्तर में उन्होंने बताया कि उनके गुरु घर की जमीन मौजूदा समय में सही से काफी कम है। इसलिए इसकी निशानदेही कराई जाए।

केस-1 सुखदेवसिंह चहल ने बताया कि वो 2 जुलाई के संगत दर्शन में भी आए थे और सोमवार को भी पहुंचे। लेकिन उनकी समस्या का आज तक समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खेत का रास्ता बंद कर दिया गया। पर कोई कार्रवाई नहीं।

केस-2 | गांवअबलू के लछमन सिंह ने फरियाद की थी कि उनके गांव की सोसायटी के मुलाजिम के द्वारा हिसाब नहीं दिया जा रहा। इसमें घपले की आशंका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केस-3 | मुल्तानियारोड वासी प्रितपाल सिंह की फरियाद पर टूटी सड़क पर पैच वर्क तो कर दिए गए लेकिन नवंबर 2013 में बनी सड़क के 7 महीनों बाद सड़क के टूट जाने पर कोई जांच नहीं की गई। प्रितपाल सिंह की मपत्नी हरप्रीत कौर बोली ऐसे संगत दर्शनों का क्या फायदा।
केस-4 | सिरकीबाजार का कलेक्टर रेट बहुत कम किया गया था। जबकि इसके साथ लगने वाले किक्कर बाजार में एक पैसा भी कम नहीं किया गया। दुकानदार डीसी के संगत दर्शन में भी गए लेकिन कलेक्टर रेट कम नहीं हुआ।
केस-5 | परसराम नगर वासी जरनैल सिंह ने बताया कि उनकी जमीन एक खेवट में थी। लेकिन पटवारी ने उनको दो खेवटों में डाल दिया। इसके बाद एक व्यक्ति ने जमीन पर कब्जा कर लिया। तत्कालीन डीसी डॉ. एस करुणा राजू के समय चक्कर काट रहा हूं।

केस-6 | साक्षरप्रेरक यूनियन का शिष्ट मंडल नेता लखविंदर सिंह की अगवाई में डीसी को संगत दर्शन में मिला था। उन्होंने बताया कि हमने साक्षरता मिशन के तहत 15 महीने काम किया। 72 लोगों का 16 हजार बकाया पड़ा है।
केस-7 आईटीआईचौक में रहने वाले लोग सतविंदर सिंह गिल की अगुवाई में डीसी से मिले थे। उन्होंने फरियाद की थी कि पुल के नीचे इंटरलॉकिंग टाइलें लगा दी जाएं और यहां पर हरियाली करा दी जाए। सतविंदर सिंह ने बताया कि संगत दर्शन में कोई सुनवाई नहीं हुई।

केस-8 मनमोहनकालिया एन्क्लेव के लोगों ने डीसी को एन्क्लेव के फ्लैट्स को मुकम्मल करके उनके मालिकों को कब्जे देने की मांग की थी। पवन कुमार ने बताया कि तो कोई जवाबी पत्र ही आया और फ्लैट मिला।
केस-9 | नहींबनी रजबाहे की पुली गांव नरुआना वासी बलकरन सिंह ने बताया कि वो डीसी को गांव के पास से निकलने वाले रजबाहे की टूटी हुई पुली को बनाने की मांग लेकर गए थे। लेकिन 6 माह बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।
केस-10 | कुलभूषणकुमार संगत दर्शन में फरियाद लेकर पहुंचे थे कि बस स्टेंड के पीछे रेहडिय़ों वालों के अलावा दुकानदारों ने भी अवैध कब्जा किया हुआ है। लेकिन डीसी ने कब्जा छुड़वाने के लिए भी पहल नहीं की।

रामां मंडी से चेतसिंह ने बताया कि सुबह जब वे पहुंचे तो संगत दर्शन खत्म हो चुका था। इसलिए उन्हें डीसी के दफ्तर में उनसे मिलना पड़ा। उन्होंने बताया कि सरकारी मोघा नंबर 20919एल के साथ वाले खाल और पही पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा किया हुआ है। इस कारण मोघा के हिस्सेदारों को इसकी समस्या रही है। इसके समाधान के लिए वे डीसी से मिले।
संगत दर्शन खत्म होने के बाद फरियादियों ने डीसी गर्ग के रूम में जाकर मुलाकात की।
सुबह 10 बजे जब डीसी बसंत गर्ग ने संगत दर्शन शुरू किया तो उनके साथ अन्य विभागो के अफसर भी मौजूद थे।
सीधी बात : डॉ बसंत गर्ग, डीसी
- संगत दर्शन को 11 बजे ही क्यों समाप्त कर दिया गया?
हमने समय ही साढ़े नौ बजे से 11 बजे तक का रखा था।
- लेकिन लोग तो इसके बाद भी रहे हैं ?
संगत दर्शन का समय 11 बजे तक का ही था। लेकिन मैं अपने दफ्तर में तो लोगों की सेवा में बैठा ही हूं।
- देखने में आया है कि डीसी भले ही कोई भी रहा हो, लेकिन लोगों की समस्याएं वही चली रही हैं?
- कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनका एग्जीक्यूटिव मजिस्टे्रट के अधिकार क्षेत्र से बाहर की होती हैं। वो ही केस पेंडिंग चल रहे हैं।
- उनपेंडिंग केसों का अब क्या करेंगे ?
उनके लिए अब काउंसलिंग ग्रुप बनाएंगे।
- पहलेसंगत दर्शन के पेंडिंग चल रहे केसों का क्या हुआ ?
सभी मामले निपटा दिए गए हैं। जो मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर थे, उनको बता दिया गया है। उनका भी समाधान हो ही जाएगा।