बठिंडा। सड़क हादसों के खिलाफ भास्कर महाअभियान के तहत जिस तरह से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों में स्टूडेंट्स को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए आदेश दिए हैं, उसी तरह पुलिस को भी अब अपडेट हो जाना चाहिए। क्योंकि अभी ट्रैफिक पुलिस के पास पूरे इंस्ट्रूमेंट नहीं हैं। पुलिस के पास तो स्पीड लिमिट चेकिंग मशीन भी नहीं है। यही वजह है कि शहर में सड़क दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर की विभिन्न सड़कों पर स्पीड निर्धारित बोर्ड भी नहीं लगाए गए।
यही वजह है कि हर वाहन चालक अपनी मर्जी की स्पीड से वाहन चला रहा है। इसके कारण हर दिन कोई कोई राहगीर सड़क हादसे का शिकार हो जाता है। शहर में संवेदनशील जोन तो हैं मगर स्पीड कंट्रोल होने से इन जोनों में आए दिन राहगीरों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
बठिंडा में पिछले पांच सालों में हुई दुर्घटनाएं
साल दुर्घटनाएं मौत घायल
2009 274 152 196
2010 147 212 243
2011 212 154 193
2012 283 131 145
2013 242 184 193
'' 90 फीसदी हादसे ओवर स्पीड के कारण हो रहे हैं। अगर स्पीड को कम कर दिया जाए तो 50 फीसदी हादसे कम हो सकते हैं। 77.91 फीसदी हादसे ड्राइवर की गलती कारण हादसे होते हैं। ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक 2013 में 2,31000 लोग देश में मारे गए। ''- नरेश पठानिया,फस्ट एडट्रेनर, रेडक्राॅस ।
स्पीड कंट्रोल करने की देते हैं हिदायत : '' हम अपने सभी चालकों को ये कहकर कर भेजते हैं कि अाप भले ही दो घंटे लेट पहुंच जाना लेकिन ओवर स्पीड गाड़ी मत चलाना। जिंदगी से कीमती कोई चीज नहीं है। इस लिए सभी स्पीड पर कंट्रोल रखने की हिदायतें देते हैं।'' सुखविंदर सिंह जग्गी, प्रधान,स्माल स्केल इंडस्ट्री एसोसिएशन।
पहले ट्रैफिक पुलिस के संसाधन पूरे करे सरकार
'' अगरट्रैफिक पुलिस के पास स्पीड मापने वाली मशीन ही नहीं है तो स्पीड पर कंट्रोल कैसे किया जा सकता है। अगर सरकार सच में ही गंभीर है तो पहले ट्रैफिक पुलिस की डिमांड को पूरा करे। तेज स्पीड रहे वाहन ने ही हमारे राम सिंह को शहीद कर दिया था। '' विजय गोयल, प्रधान,सहारा जन सेवा
उल्लंघन होने पर रद्द होना चाहिए लाइसेंस : एडवोकेट मनवीन कौर ने कहा कि शहर में ड्राइविंग करने वाले चालकों को नियमों का उल्लंघन करने का कोई डर नहीं। क्योंकि वे बार बार नियमों का उल्लंघन करते हैं और कुछ रुपये जुर्माना भर छूट जाते हैं। इसलिए किसी भी चालक को चालान का डर नहीं है। जबकि विदेशों में बार बार एक ही प्रकार का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए जाते हैं। दो बार नियमों का उल्ल्घंन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस को पंच किया जाता है जबकि तीसरी बार लाइसेंस को रद्द कर दिया जाता है। अपने लाइसेंस को रद्द होने से बचाने के लिए कोई भी चालक ऐसी गलती नहीं करता। क्योंकि लाइसेंस दोबारा नहीं बनता। जबकि भारत में लाइसेंस को गंभीरता से नहीं लिया जाता।
नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं में पंजाब की स्थिति सबसे खराब है। देश में 41.2 फीसदी मौत का कारण सड़क दुर्घटना है। अब समय गया है कि ओवर स्पीड गाड़ी चलाने से बचें।
डिमांड भेजी है, शहर में स्पीड लिमिट के बोर्ड नहीं :'' ओवरस्पीड मापने वाली मशीन के लिए विभाग को डिमांड भेजी हुई है। लेकिन अभी तक सामान नहीं आया। वैसे भी शहर में स्पीड के बोर्ड भी नहीं लगाए गए। इसके कारण हम आज तक कोई भी ओवर स्पीड का चालान नहीं काट पाए।''- बलजीत सिंह बराड़, इंचार्ज,सिटी ट्रैफिक ।