पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अदालत की स्वीकृति के बाद भी नष्ट नहीं किया बारूद

अदालत की स्वीकृति के बाद भी नष्ट नहीं किया बारूद

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अदालतके निर्देश के बाद भी बठिंडा के पुलिस थानों में रखा बारूद नष्ट नहीं किया गया। जून 2013 में अदालत ने इसकी स्वीकृति दे दी थी। पुलिस ने थानों को पत्र लिखकर रिकार्ड तो मंगवा लिया मगर किया कुछ नहीं। 2012 में बार-बार पुलिस अफसर इसे नष्ट करने के लिए अदालत को पत्र लिखकर इजाजत मांगते रहे। जब 2013 में भास्कर ने मामला उठाया तो अदालत ने संज्ञान लेकर इसकी स्वीकृति दे दी। इसके बाद पुलिस ने मामले पर गंभीरता नहीं दिखाई। इसलिए थाने बारूद के ढेर पर हैं।

केसखत्म, फाइल बंद, फिर भी पड़ा है बारूद

स्वीकृतिमिलने के बाद 7 जून 2013 को तत्कालीन एसपी डी नवीन सिंगला ने थानों को पत्र जारी कर उनसे थानों में पड़े विस्फोटक जिनके कोर्ट केस खत्म हो गए हैं का रिकार्ड मांगा था।

14 जून 2013 को थाना कोतवाली, सदर, तलवंडी साबो, नथाना की तरफ से एसपी डी ऑफिस को रिपोर्ट भेजी गई थी। बताया गया कि थाना सदर में 1992 की एफआईआर नंबर 70 के तहत 1 किलो बारूद, 200 डेटोनेटर, एफआईआर नंबर 79 के तहत 5 किलो देसी बम, थाना नथाना में एफआईआर 1993 की एफआईआर नंबर 40 के तहत 2 गट्‌टे यानी करीब 1 क्विंटल बारूद पड़ा है। कोतवाली थाने में 15 अगस्त 2001 को एफआईआर नंबर 364 के तहत 2 किलो आरडीएक्स पकड़ा था। 15 नवंबर 2004 को रपट नंबर 42 के तहत हैंडग्रेनेड बरामद हुआ था। इनका केस 21 मई 2005 को फैसला हो चुका है।

रिकाॅर्ड चेक करवाने के बाद कार्रवाई की जाएगी

^यहमामला मेरे आने से पहले का है। उस समय के अफसरों का तबादला हो चुका है। मगर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। हम रिकार्ड चेक करवाएंगे और कानूनी तौर पर जो मामले निपट चुके हैं, उनसे संबंधित सामान को नष्ट करवाने की कार्रवाई को अमल में लाएंगे। जसवीरसिंह, एसपीहेडक्वार्टर , बठिंडा

थाना सदर की इमारत पुराना थाना क्षेत्र के आबादी वाले हिस्से में है। इसे 10 साल पहले 2004 में लोक निर्माण विभाग ने असुरक्षित घोषित कर दिया था। मगर इसमें बने मालखाने में बारूद रखना पुलिस की मजबूरी है। लेकिन खस्ताहाल इमारत हादसे का कारण बन सकती है। इसी तरह दाना मंडी में स्थित मंडी बोर्ड दफ्तर की इमारत में कोतवाली थाने का मालखाना चल रहा है, जिसमें विस्फोटक पड़ा है। इस इमारत में भी पीओ स्टाफ, मंडी बोर्ड दफ्तर, आर्थिक अपराध शाखा आदी दफ्तर चल रहे हैं। ऐसे में यह भी सुरक्षा लिहाज से ठीक नहीं।

शहर के बीचो बीच हैं इ