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आशुतोष महाराज के संस्कार पर जल्दबाजी में फैसला हो
नारीशक्ति जागरण समिति ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल के संस्थापक आशुतोष महाराज की महा समाधि को लेकर तरह-तरह की अटकलों बयानबाजी से समाज को परहेज रखने का आग्रह किया है। बेअंत कौर, सुलोचना रानी, किरण, सिमरजीत, रानी, मंजू, कविता के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने मार्च निकालकर समाज को जाग्रत करने का प्रयास किया। इसके साथ-साथ सरकार से भी संस्थान से जुड़े प्रत्येक वर्ग एवं संप्रदाय के लोगों की आस्था के मद्देनजर कोई सुखद हल निकालने का आग्रह किया है। श्रद्धालुओं की आशुतोष महाराज के समाधि से वापस आने के अटूट विश्वास का ख्याल रखना चाहिए।
बेअंत कौर, सुलोचना रानी, किरण, रानी, मंजू, कविता का कहना है कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संस्था है जिसके साथ करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं, इसलिए आशुतोष महाराज जी के अंतिम संस्कार को लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। इतिहास गवाह है कि भारत भूमि पर आदि गुरु शंकराचार्य जी, साईं बाबा, स्वामी रामकृष्ण परमहंस, स्वामी युक्तेश्वर गिरी जी, लाहिड़ी महाशय, स्वामी योगानंद परमहंस जी आदि अनेक महापुरुषों ने समाधियां ली हैं। दूसरी तरफ देखा जाए तो अपने आध्यात्मिक गुरु अथवा राजनीतिक लोगों की देह को संभाल कर रखने की बात दुनिया में कई सालों से चलती रही है। नारी शक्ति जागरण समिति का कहना है कि आशुतोष महाराज जी में लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था को देखकर उनका जबरदस्ती अंतिम संस्कार करने के लिए किसी को भी मजबूर नहीं किया जा सकता।
शांति मार्च निकाल समाज को जागरूक करती नारी शक्ति जागरण समिति की महिलाएं।