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पीएसपीसीएल तय समय में बेहतर सेवाएं देने में नाकाम साबित हुआ : रोमिला दूबे

6 वर्ष पहले
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पंजाबराज बिजली रेगुलेटरी कमिशन की चेयरपर्सन रोमिला दूबे ने माना कि बिजली की सेवाएं निर्धारित समय में देने में पीएसपीसीएल नाकाम रहा है। उन्होंने कहा कि दो साल पहले कमिशन के द्वारा बिजली की सेवाओं के लिए समय निर्धारित किया गया था। लेकिन वो इसको पूरी तरह से लागू नहीं कर पाया। क्योंकि उनके पास स्टाफ की कमी है। भले ही उन्होंने पिछले समय के दौरान 1000 लाइनमैनों की भर्ती की थी। लेकिन अभी दूसरे पद भी खाली ही पड़े हैं। बठिंडा में रोमिला दूबे ने भास्कर के साथ खास बातचीत के दौरान ये बातें शेयर की।

चेयरपर्सन रोमिला दूबे ने कहा कि बिजली की सेवाएं निर्धारित समय में देने के लिए पीएसपीसीएल बाध्य है। उनके पास मुलाजिम हैं या नहीं, ये उनको देखना है। हमें तो सेवाओं से मतलब है। हमने सेवाओं की समय सीमा तय कर दी है। समय समय पर मॉनिटरिंग भी करते हैं।

अधिकारीपर नहीं हो सकती कार्रवाई : अगरस्टाफ की कमी के चलते उपभोक्ता का काम नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी की इसमें कोई गलती नहीं है। क्योंकि वो इसमें सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं है। इउस पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।

सुनवाईहो चुकी अब करेंगे मंथन :रोमिला दूबेने कहा कि पूरे प्रदेश में जाकर लोगों की समस्याओं को जान लिया गया है। अब हम इस पर मंथन करेंगे। पूरे प्रदेश में से एक बात निकल कर सामने आई है कि बिजली टैरिफ के कारण पंजाब में से इंडस्ट्री पलायन कर रही है। इसको मद्देनजर रखते हुए हम बैलेंस सीट चेक करके टैरिफ पर विचार करेंगे।

7 साल में आधे स्टाफ घटे कंज्यूमर 4 गुना बढ़े

^पंजाबराज बिजली बोर्ड या फिर पावरकॉम ने 1000 लाइनमैनों को छोड़ कर पिछले 7 सालों में कोई भर्ती नहीं की। इसके चलते स्टाफ 50 फीसदी ही रह गया है जबकि इस समय के दौरान उपभोक्ता 4 गुना बढ़ गए हैं। तय समय सीमा में अधिकारी काम करने में सक्षम नहीं हैं।

रोमिला दुबे