डीसी खुद आए तो भट्ठा मजदूरों ने तीसरे दिन खत्म किया आंदोलन
रामपुरातहसील में महराज रोड पर स्थित ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों को बंधक बनाने का मामला पूरा दिन गर्माया रहा। स्थिति यह रही कि दलित दास्तान विरोधी आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय सिंह इस मामले को लेकर आमरण अनशन पर बैठे तो प्रशासन ने मामले को हल करवाने के लिए हाथ पैर मारने शुरू कर दिए।
आसपास के जिलों से पुलिस फोर्स मंगवाकर प्रशासकीय परिसर की घेराबंदी कर दी गई। शाम के समय डीसी डा. बसंत गर्ग मौके पर पहुंचे और उन्होंने भट्ठा मजदूरों से बात शुरू की। इसमें तय किया गया कि बंधक मजदूरों को जल्द रिहा करवाया जाएगा। वहीं जो मजदूर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए उन्हें घर वापस भेजने के लिए भी प्रशासन खर्च वहन करेगा। इसके बाद अनशन पर बैठे जय सिंह को डीसी ने जूस पिलाया।
भट्ठा मालिकों पर कार्रवाई की मांग
जिलाप्रबंधकीय कांप्लेक्स के बाहर डॉ. भीम राव अंबेडकर पार्क में जय सिंह भट्ठा मजदूरों को इंसाफ दिलाने के लिए मरणव्रत पर शुक्रवार से बैठ थे। उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक डीसी बंधुआ मजदूरी के संबंध में सुप्रीमकोर्ट की हिदायतों की पालना नहीं करते तब तक वह डीसी बसंत गर्ग के साथ किसी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। आखिर जय सिंह के साथी एडवोकेट गंगा डीसी के साथ बंधुआ मजदूरों के मामले पर वार्तालाप करने के लिए गई। डीसी बसंत गर्ग के साथ एक घंटा चली बैठक असफल रही। एडवोकेट गंगा नियम कानूनों के मुताबिक भट्ठा मालिकों पर कार्रवाई के लिए अड़ी रहीं। इसके बाद शनिवार की दोपहर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच फिर से जय सिंह के साथ बातचीत शुरू की गई। इसमें डीसी डा. बसंत गर्ग स्वयं आए उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का हल निकाल दिया जाएगा।
शुक्रवार को िकया था डीसी की कोठी का घेराव
रामपुरातहसील में महराज रोड पर स्थित ईंट भट्ठे में मजदूरों उनके परिजनों को बंधक बनाने की शिकायत जिला प्रशासन के पास की गई थी। इसमें किसी तरह भट्ठे से निकल कर आए मजदूरों ने भट्ठा मालिकों द्वारा बंधक बनाए गए अपने अन्य मजदूर साथियों को छुड़ाने की मांग की थी। वहीं मजदूरों ने आरोप लगाया कि डीसी भट्ठा मालिकों का पक्ष ले रहे हैं। इस बात को लेकर शुक्रवार को मजदूरों ने सुबह डीसी की कोठी का घेराव किया था। पुलिस ने मजदूरों पर हलका लाठीचार्ज कर उनको वहां से खदेड़ दिया था और चार मजदूरों को हिरासत में ले लिया था।
डीसी डा. बसंत गर्ग मौके पर पहुंचे और उन्होंने भट्ठा मजदूरों से बात की।