ज्वेलरी धंधे में कमाए काले धन को सफेद करने की जांच शुरू
सीबीआईऔर आयकर विभाग की तरफ से बठिंडा में पिछले दो दिन तक रायल ज्वेलर में छापामारी की गई थी। इस दौरान करोड़ों रुपए का सोना बिना बिल के बरामद किया गया। इसके बाद आयकर विभाग ने इस धंधे में काले धन को सफेद करने के मामलों की जांच करनी शुरू कर दी है। इसमें ज्वेलर से जब्त दस्तावेजों की जांच कर ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है जिन्होंने पिछले एक साल में बड़े पैमाने पर सोने की खरीद की है। यही नहीं इस धंधे में बिना बिल के खरीदे गए सोने डायमंड की भी जांच शुरू की गई है।
जिन लोगों ने दस लाख रुपए से अधिक की सोने की खरीद की उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इस बात की जानकारी भी हासिल करेगा कि उन्होंने सोने की खरीद किस काम के लिए की है।
ऐसे होता है काला धन सफेद
गोल्डलोन के जरिए- काले धन से पहले लोग कैश से सोने की ज्वेलरी की खरीदारी करते हैं क्योंकि कैश से सोना खरीदने में कोई टैक्स नहीं लगता। बाद में सरकारी अर्ध-सरकारी बैंक से गोल्ड के अगेंस्ट लोन ले लेते हैं। इस तरह से आसानी से ब्लैक से व्हाइट मनी बिना किसी तरह का टैक्स भरे हो जाती है। अधिकारियों ने जांच के दौरान खुलासा किया कि बिना बिल के गोल्ड को दुकान में रखने की बजाय घरों में रखा जाता था। इसमें दस करोड़ रुपए का गोल्ड घर से बरामद किया है जबकि इतना ही दुकान में छिपाकर रखा गया था।