सुविधा केंद्र के साथ भी रेडक्रॉस ने जमीन की साझी
रेडक्रॉससोसायटी इन दिनों अपने काम को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रही है। सोसायटी ने पहले एक प्राइवेट आईटीआई बनवाने को अपनी दान में ली गई जगह को लीज पर दे दिया, वहीं अब सांझ केंद्र के साथ भी अपनी जमीन साझी कर ली है। नशा छुड़ाओ सेंटर को फेल करने की कोशिश सोसायटी की तरफ से की जा रही है। यह भी कहा जा सकता है कि समाज सेवा के लिए बनी रेडक्रास सोसायटी अपने उद्देश्य से भटक गई हैं।
नशाछुड़ाओ सेंटर की जमीन पर सांझ केंद्र
शहरके झीलों के ठीक सामने नशा छुड़ाओ सेंटर बना हुआ है। एक डेरे की तरफ से नशा छुड़ाओ सेंटर को बनाने के लिए एक एकड़ जमीन को दान में दिया था। सोसायटी वहां पर कई सालों से नशा छुड़ाओ सेंटर को चला रही है। सेंटर के भीतर एक सांझ केंद्र की इमारत बन कर तैयार हो चुकी है। सांझ केंद्र के लिए अलग से एंट्री गेट नहीं बनाया गया है। इसलिए सांझ केंद्र में आने वाले लोगों को नशा छुड़ाओ सेंटर के मेन गेट का ही इस्तेमाल करना होगा जो कि सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है।
यहहैं नियम
रेडक्रॉससोसायटी की तरफ से अगर किसी विभाग को किसी काम के लिए जगह देनी होती है तो नियम अनुसार पहले उसकी मंजूरी इसी मेंबर की बैठक बुलाकर लेनी होती है। सूत्रों की माने तो काफी समय से किसी भी प्रकार की ईसी या सालाना बैठक नहीं बुलाई गई हैं। बैठक के नाम पर कुछ एक मेंबर को बुला कर फार्मेलिटी पूरी कर ली जाती है। जिसे नाम दिया जाता है एमरजेंसी मीटिंग। बैठक हुई नहीं ही सांझ केंद्र के लिए मता पास करवाया गया। सांझ केंद्र की इमारत बनने के बाद नशा छुड़ाओ सेंटर के पास जमीन की और कमी हो गई है।
एमओयूनहीं हुआ अभी तक साइन
रेडक्रॉससोसायटी की जमीन पर सुविधा सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। इस इमारत को पीडब्ल्यूडी ने बनाया है। इस संबंधी रेडक्रॉस सचिव वरिंदर कुमार का कहना है कि सुविधा सेंटर की इमारत को बनाने की परमिशन रेडक्रॉस सोसायटी ने दी है। सुविधा सेंटर को कितने साले के लिए लीज पर जमीन देनी है उसके बदले केंद्र से कितना किराया प्रति माह लेना है अभी यह तय नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस संबंधी जब एमओयू साइन होगा तभी पता चल सकेगा।
बठिंडा के रेडक्राॅस नशा छुडाओ सेंटर के भीतर बनी सांझ केंद्र की इमारत।
आर्थिक लाभ मिलेगा
^नशाछुड़ाओ सेंटर के साथ एक कार्नर खाली पड़ा था। जिसे सुविधा सेंटर बनवाने के लिए दिया गया है। उससे सोसायटी को आर्थिक लाभ मिलेगा। फंड की पहले से कमी है सोसायटी को। वरिंदरकुमार, सचिव, जिला रेडक्रास सोसायटी, बठिंडा।