अध्यापक यूनियन ने सरकार का पुतला फूंका
सरकारपर जनविरोधी नीतियों के आरोप लगाते हुए एसएसए/रमसा सीएसएस टीचर्स यूनियन ने शुक्रवार को पुतला फूंक प्रदर्शन किया।
प्रांतीय कमेटी के आह्वान पर प्रदेश के तमाम जिला हेडक्वार्टरों पर किए जा रहे प्रदर्शन की कड़ी में बठिंडा के टीचर्स होम में एकत्र सैकड़ों महिला-पुरुष अध्यापकों ने सरकार को जमकर कोसा और रोष मार्च निकालने को आगे बढ़े लेकिन वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें टीचर्स होम में नजरबंद कर दिया। लंबे समय तक चली कशमकश के बाद आखिर एसएचओ संजीव मित्तल ने उन्हें टीचर्स होम के बाहर तक निकलने की इजाजत दी। एसएसए रमसा अध्यापकों को मजबूरी में टीचर्स होम के गेट के सामने ही पुतला फूंककर नारेबाजी की।
जिला प्रधान बेअंत सिंह ने कहा कि एसएसए रमसा अध्यापक पिछले 7 सालों से ठेके पर काम कर रहे हैं पर अभी तक पंजाब सरकार की ओर से इन्हें रेगुलर करने की कोई नीति नहीं बनाई। वहीं इन अध्यापकों को 3-3 महीने का वेतन भी नहीं दिया जाता, हालांकि केंद्र की ओर से एसएसए रमसा के लिए बजट समय पर भेजा जा रहा है। सरकार ने पिछले समय अलग-अलग बैठकों में अध्यापकों को रेगुलर करने की मांग स्वीकारी है पर अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया।
अध्यापक नेता सुभाष चंद, नरिंदर सिंह, रजनी, नछतर सिंह, जसमीत, जगसीर, रमनदीप, मनप्रीत कौर, पेंडू मजदूर यूनियन के दरबारा सिंह, भाकियू एकता के सुखविंदर सिंह समेत अनेक अध्यापकों ने शिरकत की।
सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन करते एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन के मेंबर।