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आित्मक शांति के लिए निकाला कैंडल मार्च

5 वर्ष पहले
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मौड़मंडी जनसभा ब्लास्ट| दोषियों की गिरफ्तारी मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी की मांग

भास्कर संवाददाता| मौड़ मंडी

31जनवरी की रात मौड़ मंडी में कांग्रेस प्रत्याशी हरमिंदर सिंह जस्सी की चुनावी सभा के बाद हुए बम ब्लास्ट में मारे गए मृतकों की आत्मिक शांति दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सोमवार को मंडी निवासियों ने कैंडल मार्च किया। लोगों ने कहा कि राज्य की अमन शांति को भंग करने वाले लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जा सकता है। इसमें पुलिस प्रशासन घटना के एक सप्ताह बाद भी बम ब्लास्ट के दोषियों को सामने लाने में नाकाम रहा है। इससे प्रशासन की कारगुजारी पर भी सवाल खड़े होते हैं। इस दौरान ट्रेड यूनियन द्वारा भी शहर में अमन- शांति बनाए रखने के लिए रेलवे स्टेशन से घटना स्थल तक शांति मार्च निकाला गया। मंडी निवासियों ने जहां पुलिस प्रशासन से उक्त कांड के लिए दोषी व्यक्तियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की। वहीं ट्रेड यूनियन सदस्यों ने कहा कि जिस प्रकार आतंकवाद पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाता है उसी प्रकार मृतकों के परिवारों को सरकारी नौकरी तथा 10 लाख रुपए मुआवजा राशि दी जाए। उन्होंने अस्पतालों में दाखिल घायलों के इलाज के लिए तत्काल आर्थिक सहायता देने घायलों को कम से कम 5 लाख रुपए की राशि देने की मांग भी रखी गई। इस मौके ट्रेड यूनियनों ने घटना के दिन शहर के प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल घटना में जख्मियों के इलाज ना करने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। शांति मार्च की अगुवाई पेंशन यूनियन प्रधान दर्शन सिंह, विश्वकर्मा भवन के पूर्व प्रधान दर्शन सिंह तथा देहाती मजदूर सभा के जिला मीत प्रधान मक्खन सिंह ने की।

सरकार की तरफ से मुआवजे की मांग

शहरवासियोंने मांग की कि हादसे के पीड़ित परिवारों में से एक एक मेंबर को सरकारी नौकरी, मृतक बच्चों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए की सहायता राशि, आतंकवाद पीड़ित परिवारों को जो सहायता केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा दी जाती है वो मुहैया करवाई जाए तथा जिस जगह पर हादसा घटित हुआ उस जगह के नजदीक खाली पड़ी जगह पर मृतकों की यादगार बनाई जाए। वहीं हादसे के दोषियों को जल्द से जल्द ढूंढ़कर फांसी की सजा दी जाए।

एम्बुलेंसमें नहीं थी आक्सीजन की व्यवस्था

मृतकरिपनदीप सिंह के पिता काला सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि बठिंडा के अस्पताल में बच्चों का सही इलाज नहीं मिला, जब बठिंडा से बच्चों को लुधियाना लेकर जा रहे थे तो एम्बुलेंस ऑक्सीजन का भी कोई प्रबंध नहीं था, हमारे बच्चे इलाज के अभाव से ही मरे गए। इस मौके समूह सामाजिक एवं धार्मिक जत्थेबंदियों के नेताओं ने कहा कि चुनावों की आड़ में जालिमों ने गैर मानवीय कारवाई करते हुए तीन परिवारों के इकलौते सहारोंं को परिवार से छीन लिया है।

मौड़ ब्लास्ट में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर शहर निवासियों द्वारा कैंडल मार्च किया गया

मृतक जप सिमरन की बुआ बानी रानी ने शहर के निजी अस्पताल पर आरोप लगते हुए कहा कि ब्लास्ट के बाद डॉक्टर ने जख्मियों का इलाज करने की बजाए लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल के गेट ही बंद कर दिए। जिससे हमारे बच्चों की मौत का जिम्मेवार डॉक्टर भी उतना है जितना कि ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने वाले लोग हैं।

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