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सीएम के साथ मीटिंग करवाने के भरोसे के बाद शांत हुए प्रदर्शनकारी
डेमोक्रेटिकमिड डे मील कुक फ्रंट एवं मिड डे मील दफ्तरी मुलाजिम कुक वर्कर्स यूनियन ने रविवार को रोष प्रदर्शन किया।
प्रदेश भर से दाना मंडी में हजारों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की तादाद ज्यादा रही। दर्जनों की तादाद में महिला-पुलिस कांस्टेबलों के पहुंचने से सारा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। लंबे समय तक पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी और शहर में रोष मार्च निकालने के मंसूबों से माहौल तनावपूर्ण बना रहा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच लगातार तीन घंटे तक कशमकश चलती रही।
तहसीलदार महिंदर सिंह डीएसपी रंजीत सिंह तूर दल-बल के साथ वहां पहुंचे। जहां प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए मौके पर ही मांगपत्र देने का आग्रह किया। चुनाव के बाद सीएम से बैठक कराने का भी भरोसा दिया। पर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सुझाव को नकार दिया। इसके बाद प्रवीण शर्मा, अशोक कुमार, सुखजीत कौर बलजिंदर की एसडीएम दमनजीत सिंह से मुलाकात कराई गई। जिसमें एसडीएम ने 27 फरवरी को दोपहर 11 बजे चंडीगढ़ सचिवालय में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से बैठक का लिखित भरोसा दिया, जिसके प्रदर्शनकारी शांत हुए।
प्रवीण शर्मा ने कहा कि प्रदेश में लगभग 50 हजार कुक महज 1200 रुपए वेतन पर काम कर रहे हैं। इन्हें 10 महीने का वेतन दिया जाता है, जो श्रम कानून के खिलाफ है। ब्लाक स्तर पर सैकड़ों स्कूलों के मिड डे मील के काम की निगरानी करने रिकार्ड संभालने वाले उच्च शिक्षित ब्लाक मैनेजर तक कांट्रेक्ट पर काम कर रहे हैं, इन्हें कोई स्केल नहीं दिया जा रहा। शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने मांगें मानने का भरोसा दिया, किंतु दूसरे ही दिन संघर्ष में शामिल 10 डाटा एंट्री ऑपरेटरों की सेवाएं खत्म कर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें मानने पर हर गांव, शहर में सेवारत मिड डे मील कुक मिड डे मील मुलाजिम बड़े स्तर पर संघर्ष करेंगे।
अनाज मंडी में पंजाब सरकार के खिलाफ रोष धरना देते हुए मिड डे मील कुक फ्रंट एवं दफ्तरी मुलाजिम।
>नौकरी से निकाले गए 10 डाटा एंट्री ऑपरेटरों की बहाली
>मिड डे मील कुक के इजाफा करके चतुर्थ दर्जा मुलाजिम का दर्जा दफ्तरी मुलाजिम की सेवाएं रेगुलर करके 10300-5000 का स्केल।
>डाटा एंट्री को आउट सोर्सिंग में बंद करके मिड डे मील सोसाइटी के अधीन करके रेगुलर करना।
>बड़े शहरों में ठेकेदारों के हवाले मिड डे मील वापस लेकर बच्चों को ताजा पौष्टिक खाना स्कूलों में बनाने का प्रावधान
>मिड डे मील दफ्तरी मुलाजिमों का ईपीएस लागू करके साल में 2 महीने की छुट्टी का वेतन काटने पर रोक
>आग गैस से जोखिम भरा काम करने वाले मिड डे मील कुक का दो लाख रुपए का बीमा
>25 बच्चों पर एक कुक का नियम का सख्ती से लागू
>मिड डे मील कुक को जिला अथवा ब्लाक स्तर पर ही ट्रेनिंग की सुविधा, इस दौरान टीए भी मिले
>बीए तक शिक्षित मिड डे मील कुक को योग्यता के अनुसार सहायक ब्लाक मैनेजर पर तरक्की।
तहसीलदार महिंदर सिंह को अपनी मांगों का ज्ञापन देते मिड डे मील कुक एवं दफ्तरी मुलाजिम
डेमोक्रेटिक मिड डे मील कुक फ्रंट और मिड डे मील दफ्तरी मुलाजिम कुक वर्कर्स यूनियन के वर्करों ने अनाजमंडी में किया रोष प्रदर्शन