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- लूटे एटीएम के पास वाले पेट्रोल पंप के सीसीटीवी से 3.3 घंटे की फुटेज गायब
लूटे एटीएम के पास वाले पेट्रोल पंप के सीसीटीवी से 3.3 घंटे की फुटेज गायब
25मई को फरीदकोट और फिरोजपुर में तीन एटीएम से पासवर्ड लगाकर लूटे गए 19 लाख रुपए के मामले में नया खुलासा हुआ है। फरीदकोट के जैतो के एटीएम से कुछ दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज ही गायब है। अगर ये फुटेज मिलती तो लुटेरों को आइडेंटिफाई करने में मदद हो सकती थी।
जैतो (फरीदकोट) के एटीएम में 25 मई की दोपहर 3.45 बजे रॉबरी हुई। इसके बाद फिरोजपुर के सादिक का एटीएम भी इसी अंदाज में पासवर्ड लगाकर लूटा गया। जैतो से सादिक जाने के लिए जैतो-कोटकपूरा रोड से जाना पड़ता है। इसी रोड पर स्थित पेट्रोल पंप लूटे गए एटीएम के पास है। सीसीटीवी कैमरे की दोपहर 2.38 बजे से लेकर 6.10 बजे तक की फुटेज गायब है। मनोज कपूर की बहन नीतू कपूर ने बताया, 25 मई की सुबह 11 बजे भाई के लापता होने के बाद उन्होंने पुलिस और सिस कंपनी के सुपरवाइजर दीपक शर्मा को दोपहर 2 बजे ही भाई के लापता होने का बता दिया था। उसके पास 24 एटीएम के पासवर्ड है। लेकिन पुलिस ने इसे हलके में लिया और कंपनी ने एटीएम लॉक नहीं करवाए। जब तीन एटीएम से 19 लाख रुपए लूट लिए गए तो 24 घंटे बाद पुलिस ने मनोज के किडनेपिंग का केस दर्ज किया।
ड्राइवर राजिंदर सिंह को हिरासत में लाय लेकिन उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया। परिवार ने जब मनोज की कॉल डिटेल निकलवाई तो उसका फोन बंद होने से पहले आखिरी बार दोपहर 1.47 बजे गांव संध्वा में लोकेट हुआ और आरोपी राजिंदर की मोबाइल लोकेशन भी 2.01 बजे इसी गांव में थी। इससे पता चलता है कि लापता होने के बाद मनोज और राजिंदर इसी गांव से गुजरे थे। पुलिस ने जब राजिंदर से पूछा तो उसने बताया, वह कोटकपूरा मिठाई लेने गया था। फरीदकोट से कोटकपूरा के रास्ते में गांव संध्वा आता है। एसएसपी फरीदकोट काहलों ने कहा, हमने लोकेशन चेक करवाई थी, मगर दोनों के टावरों का काफी अंतर था, राजिंदर ने मिठाई वाले की एवीडेंस और बस टिकट पेश किए थे, उसकी इंटेरोगेशन से कुछ नहीं मिला, इसलिए उसे छोड़ा गया।
एसएसपी फरीदकोट सुखदेव सिंह काहलों के मुतािबक पंप पर जांच की थी। पता चला, डकैती के समय पोल गिरने से कैमरे बंद हुए थे। अब ये साजिश के तहत लुटेरों ने खराब किए या खुद हुए। यह तो उनकी गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा।
हैरानी इसबात की है, गायब हुई इस फुटेज का पता भी पुलिस ने नहीं बल्कि मनोज के परिवार ने लगाया था। उनके बताने के बाद ही पुलिस व