(कोर्ट परिसर में बम की अफवाह के बाद घंटों जांच में जुटी रही पुलिस।)
बठिंडा। पुलिस कंट्रोल रूम में मंगलवार को आई एक फेक कॉल ने पुलिस को पूरा दिन दौड़ाए रखा। सुबह 11.20 बजे अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर बताया कि बठिंडा और तलवंडी साबो कोर्ट परिसर में बम है। इसके बाद पुलिस की एक टीम तलवंडी साबो और दूसरी एसपी सिटी देसराज के नेतृत्व में बम स्क्वायर्ड और डॉग स्कवायर्ड लेकर अदालत परिसर में सर्च करने में जुटी रही। वहीं कोर्ट में सर्च देख वहां केसों के सिलसिले में आए लोग, बार एसोसिएशन के सदस्य और अदालत के कर्मचारी भी चिंता में पड़े रहे कि आखिर हो क्या रहा है? डेढ़ घंटा चली इस एक्सरसाइज के बाद एसपी सिटी देसराज ने इसेे मॉक ड्रिल करार दिया। जबकि एसपी हेडक्वार्टर जसबीर सिंह ने बताया कि एक कॉल आने के बाद ही सर्च अभियान चलाया गया था।
नंबर को सर्च पर लगाने पर पता चला कि यह नंबर किसी रिक्शा चालक का था। उसे काबू कर उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि कोई व्यक्ति उसकी रिक्शा पर बैठा था और उसने कॉल करने के लिए उसका
मोबाइल इस्तेमाल किया था। अब सीआईए की टीम रिक्शा चालक से पूछताछ के आधार पर आरोपी का स्कैच तैयार कर रही है।
बार एसोसिएशन सदस्यों को भी बताया मॉक ड्रिल, हर आने जाने वाले की चेकिंग : पुलिसको इस प्रकार गहन चेकिंग करता देख बार एसोसिएशन के कुछ मेंबर भी वहां एकत्र हुए और उन्होंने भी पुलिस से चेकिंग का कारण पूछा, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी मॉक ड्रिल की बात कहीं।
इस दौरान पुलिस ने कोर्ट कांप्लेक्स में अंदर आने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई। वहीं कोर्ट कांप्लेक्स में आने वाले हर व्यक्ति की बारीकी से तलाशी लेने के बाद ही अंदर दाखिल करने के लिए कहा गया था। पुलिस टीमों ने कोर्ट कांप्लेक्स के अंदर-बाहर पड़ी हर लावारिस चीज, बैग,आदि सामान के चप्पे-चप्पे की चेकिंग की गई। वहीं कोर्ट कांप्लेक्स में बनी वाहन पार्किंग में खड़े वाहनों कि भी बारीकी से तलाशी ली गई। इस दौरान बम स्क्वायड टीमों ने बख्शीखाने की भी चेकिंग की गई।
इधर, अफसरों के बयान में विरोधाभास
मैं तो छुट्टी पर हूं : एसएसपी
''मैंतो छुट्टी पर हूं। मुझे किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं। एसपी हेडक्वार्टर से बात कर लें।'' इंद्रमोहन सिंह, एसएसपी,बठिंडा
बम की अफवाह झूठी, ये तो मॉक ड्रिल थी : '' बमहोने की अफवाह पूरी तरह से बेबुनियाद है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। दरअसल इस कार्रवाई का मकसद पुलिस टीमाें को ऐसी घटनाओं के लिए हर समय तैयार रखना है। पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों भीड़भाड़ वाले इलाकों में रूटीन सर्च की है। ताकि ऐसी जगहों पर यदि कोई घटना होती है तो उससे कैसा निपटा जाए।''- देसराज, एसपी सिटी, बठिंडा
फेक कॉल आने के बाद चलाया सर्च अभियान : फेक कॉल आने पर अदालत परिसर की सर्च करवाई गई। नंबर ट्रेस किया तो रिक्शा चालक का निकला, जिसका किसी ने गलत इस्तेमाल किया। उससे पूछताछ कर आरोपी का स्कैच तैयार करवाया जा रहा है। मामले की जांच सीआईए को सौंपी गई है। अस्पताल में एहतियात के तौर पर गारद लगाई थी, क्योंकि फेक कॉल के बाद वारदात का डर था। इसी लिए 11.30 से दोपहर 3 बजे तक शहर में हाई अलर्ट भी करवाया गया था। जसबीर सिंह, एसपी हेडक्वार्टर, बठिंडा।
11.30 बजे एसपी सिटी देसराज,डीएसपी रणजीत सिंह तूर,थाना सिविल लाइन प्रभारी कर्मजीत सिंह बम निरोधक दस्ते डाॅग स्क्वायड की टीम लेकर कोर्ट परिसर की पार्किंग में पहुंचे और सर्च शुरू करवाई। अभी पुलिस सर्च में जुटी ही थी कि पुलिस कंट्रोल रूम में जेल से सूचना मिली कि जेल में बंद तलवंडी साबो डबल मर्डर केस के कुख्यात अपराधी प्रदीप सिंह को पेट दर्द होने से अस्पताल लाया गया है। तभी पुलिस अफसरों को शक हुआ कि कहीं बम की फेक कॉल पुलिस को व्यस्त कर कुख्यात अपराधी को अस्पताल से भगाने की साजिश तो नहीं। इसके बाद पुलिस ने थाना सिविल लाइन कोतवाली पुलिस ने स्पेशल गार्द मंगवा उसे अस्पताल में तैनात कर दिया।
सुरक्षा लिहाज से इमरजेंसी गेट को छोड़कर अन्य सभी दरवाजे बंद करवा दिए गए। इससे सरकारी अस्पताल भी पुलिस छावनी में बदल गया। उधर, पुलिस ने 11.30 से दोपहर 3 बजे तक शहर में हाई अलर्ट कर बैंकों एटीएम की सुरक्षा बढ़ा दी।
कुख्यात अपराधी को भगाने का शक, छावनी बना अस्पताल ।
सुबह 11.20 बजे कॉल आने के बाद शहर रहा हाई अलर्ट पर ।
अज्ञात ने एक रिक्शा वाले का मोबाइल लेकर कॉल किया था ।
रिक्शा वाले से पड़ताल के बाद आरोपी का स्कैच बनाया गया।