शहर के खास बाजारों को बनाते रहे निशाना
सीआइएस्टाफ द्वारा पकड़े गये लुटेरा गिरोह के तीन लोगों में से एक शंभु को पुलिस का कोई खौफ नहीं। बचपन से ही वह छोटी मोटी वारदातें करता रहता था। धीरे धीरे उसकी ये आदत उसे जुर्म की दुनिया मे ले गई। शंभु के लिये मामला दर्ज होना एक आम बात है उसे वह गंभीरता से नहीं लेता। पुलिस केस होना उसके लिये मात्र घटना के अलावा कुछ भी नही है। जिसका उदाहरण है केवल बठिंडा ही दर्ज उसके खिलाफ 11 मामले। बावजूद इसके उसने जुर्म करना नही छोड़ा।
पुलिस का खौफ ना होना भी शायद उसके लिये लगातार जुर्म करने की वजह है। शंभु इस गिरोह का मास्टमाइंड बताया जाता है। जिसके खिलाफ दर्ज 11 मामलाें में से ज्यादातर कोतवाली मे दर्ज हैं वहीं तीन मामले थाना सिविल लाईंस मे दर्ज हैं। वहीं उसका दूसरा साथी मंगल की भी कुछ इसी प्रकार की कहानी है जो शंभु के साथ ही चोरी लूटपाट की घटनाआें को अंजाम देता था। उसके खिलाफ भी थाना कोतवाली,सिविल लाईंस थर्मल मे चोरी लूट के 11 मामले दर्ज हैं। जबकि उनका तीसरा साथी कालू कुछ समय पहले ही उनके गिरोह मे शामिल हुआ था। हालांकि उसके खिलाफ इससे पहले कोई भी मामला दर्ज नही था।
आरोपियों से हो सकते हैं और खुलासे
सीआईएने पकड़े गये आरोपियों का दाे दिन का पुलिस रिमांड लिया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ मे उनसे चोरी की कुछ और वारदाताें की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
सेनेटरी स्टोरों ,दुकानाें को बनाते थे निशाना
गिरोहबठिंडा के अलावा आस पास के इलाकाें में मुख्य रूप से सेनेटरी स्टोरों ऐसी दुकानाें को निशाना बनाते थे जहां महंगा सामान मिलता हो ताकि एेसे सामान को बेचकर उन्हे ज्यादा से ज्यादा पेसा मिल सके। बठिंडा शहर मे मुख्य रूप से उन्होंने बैंक बाजार,धोबी बाजार,सिरकी बाजार समेत कुछ अन्य स्थानों पर स्थित सेनेटरी स्टोरों बड़ी दुकानाें को अपना निशाना बनाया।