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हिंदी विचारों के आदान-प्रदान की भाषा

7 वर्ष पहले
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पंजाबकेन्द्रीय यूनिवर्सिटी में राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वाधान में आयोजित हिंदी पखवाड़े का सोमवार को समापन हो गया। इस अवसर पर प्रो. रोहिणी अग्रवाल, अध्यक्ष हिंदी विभाग, महाऋषि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि हिंदी विचारों के आदान-प्रदान जनसंपर्क की भाषा है, जिसमें हम खुद को बोलने में सहज महसूस करते हैं तथा अपने विचारों को दूसरों तक पहुंचाते हैं। हिंदी को जन-मानस की भाषा बनाने के लिए हिंदी पखवाड़ा मनाने रिपोर्ट बनाने से इतर अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि हमें दूसरी भाषाओं के प्रति भी उचित सम्मान रखने की जरूरत है क्योंकि भाषाएं किसी भी इंसान का दायरा बढ़ाती हैं तथा हमें किसी पर भी अपनी भाषा थोपने की बजाय उसे इसे सीखने का अवसर प्रदान करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हिंदी पखवाड़ा मनाने के साथ हमें इसे दिल से आत्मसात करना होगा, ताकि हिंदी अपना स्वर्णिम स्वरूप हासिल कर सके। इससे पहले राजभाषा कार्यान्वयन समिति के संयोजक प्रो. चमन लाल ने मुख्य मेहमान का औपचारिक अभिनंदन किया हिंदी को और अधिक व्यवहारिक बनाने की बात पर बल दिया। इसके उपरांत प्रो. रोहिणी अग्रवाल, प्रो. पी. रामाराव, डीन अकादमिक, प्रो. चमन लाल कार्यकारी रजिस्ट्रार श्वेता अरोड़ा ने यूनिवर्सिटी में हिंदी में काम करने हेतु प्रोत्साहित करने लिए आयोजित हिंदी अनुवाद, कविता पाठ, लघु कहानी लेखन, नेट लेखन, भाषण, टंकण प्रतियोगिता हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में विजेता रहे विद्यार्थियों कर्मचारियों को पुरस्कार वितरित किए। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. पी. रामाराव ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी द्वारा हिंदी में भेजे गए संदेश पढ़कर सभी लोगों को हिंदी में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। प्रो. ए.के. जैन ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद का ज्ञापन प्रस्तुत किया। मुख्य मेहमान प्रो. रोहिणी अग्रवाल को यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ स्टाफ की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर कर्नल (रि.) जगदेव करतार सिंह, श्वेता अरोड़ा, कार्यकारी रजिस्ट्रार, प्रो. ए.के. जैन, स्टाफ विद्यार्थी मौजूद थे।

हिंदी पखवाड़ा

केंद्रीय युनिवर्सिटी में हिंदी पखबाड़ा मनाया गया।