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डॉक्टरों ने सहायक कमिश्नर से कहा-सॉरी

7 वर्ष पहले
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स्वच्छभारत अभियान के तहत सहायक कमिश्नर जनरल नरिंद्र सिंह धारीवाल ने सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण कर सफाई प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था में मिली खामियों को लेकर मौके पर मौजूद डॉक्टरों की जमकर क्लास लगाई और खरी खोटी भी सुनाया। सहायक कमिश्नर शिकायतें मैडम चारूमिता भी इस मौके पर उनके साथ मौजूद थीं। हैरानी की बात तो यह रही कि सहायक कमिश्नर के दौरे की खबर अस्पताल प्रबंधन को नहीं थी। जैसे ही वे अस्पताल की एमरजेंसी में पहुंचे वहां डयूटी पर तैनात ईएमओ भी सकते में गए। जब सहायक कमिश्नर ने उन्हें अपना परिचय दिया तो डयूटी पर तैनात ईएमओ अपना काम छोड़कर उन्हें अस्पताल का राउंड लगवाने चल पड़े। इस दौरान अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड, एआरटी सेंटर, कैंटीन, वूमेन एंड चिल्ड्रन अस्पताल, मोर्चरी हाऊस ओपीडी में बने शौचालयों के सफाई प्रबंधों को जायजा लिया। इस औचक जांच ने अस्पताल प्रबंधन के साफ-सफाई प्रबंधनों की पोल खोल दी। उन्होंने मौके पर कहा कि डीसी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। एक तरफ जहां जिला निवासियों को साफ-सफाई को लेकर प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को अस्पताल में हर रोज सफाई व्यवस्था सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया। साथ ही कूड़ा इकट्ठा करने वाली जगहों से प्रतिदिन कूड़ा उठाना यकीनी बनाए जाने की हिदायत दी।

बायोमेडिकल वेस्ट को लेकर भड़के सहायक कमिश्नर : अस्पतालमें जब बायो मेडिकल वेस्ट कलैक्शन सेंटर का निरीक्षण किया तो वहां दो दिनों का इकट्ठा किया हुआ वेस्ट पड़ा थाए जिसे देखते ही सहायक कमिश्नर भड़क गये। उन्होंने मौके पर मौजूद महिला नर्स डॉक्टरों से सवाल किया कि वहां इतना वेस्ट कैसे इकट्ठा हो गया। उसे समय पर क्यों डिस्पोज नहीं किया गया। इस पर डयूटी नर्स को कोई जवाब नहीं सूझा और इतना कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि वहां पड़ा वेस्ट आज का ही है, लेकिन अभी उसे उठाने वाला ठेकेदार नहीं आया।

मॉर्चरी हाऊस में मिला गंदगी का ढेर : सफाई व्यवस्था की पोल मॉर्चरी हाऊस में खुल गई। जब सहायक कमिश्नर ने वहां का दौरा किया तो पाया कि मॉर्चरी के अंदर ही एक और गंदगी का ढेर लगा हुआ था। जिसमें डिस्पोजल सूइयां अन्य मेडिकल वेस्ट का कूड़ा भरा हुआ था। हैरानी की बात तो यह रही कि इस गंदगी कूड़े के ढेर पर अस्पताल प्रबंधन की कोई नजर ह