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डियर सफारी के बाद अब बनेगी टाइगर सफारी

7 वर्ष पहले
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मालवाकी पहली डियर सफारी बठिंडा में बनने के बाद अब टाइगर सफारी बनने का रास्ता साफ हो गया। बठिंडा के डियर सफारी मिनी जू में टाइगर सफारी बन सकती है। टाइगर सफारी प्रोजेक्ट पर वन विभाग कई सालों से चल रहा प्रयास कामयाब हाेने की दिशा में है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही सफारी में लोग टाइगर को भी देख सकेंगे। वन विभाग टाइगर सफारी प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्सुक है। प्रदेश के डिप्टी सीएम खुद चाहते है कि बठिंडा में टाइगर सफारी बनें।

सेंट्रलजू अथॉरिटी ने प्रेजेंटेशन के लिए डीएफओ को बुलाया: जिलावन विभाग साल 2009 से टाइगर सफारी प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। सेंट्रल जू अथॉरिटी ने वन विभाग से टाइगर सफारी के लिए रिपोर्ट मांगी थी। इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट दी। इसके बाद फाइनल प्रेजेंटेशन के लिए जू अथॉरिटी ने बठिंडा के डीएफओ को 29 सितंबर को दिल्ली ऑफिस बुलाया है। सेंट्रल जू अथॉरिटी अपना अगला फैसला लेगी।

भालू अन्य जानवर को भी लाएगा विभाग

डियरसफारी बनने के बाद डियर की ब्रीडिंग बढ़ी है। वन विभाग के अनुसार सफारी में 10 नए मेहमान चुके हैं। सफारी बनने के बाद पहली बार डियर की संख्या में इजाफा हुआ है। वन विभाग मिनी जू में नए मेहमान लाने की भी तैयारी कर रहा है। इनमें भालू, दरियाई घोड़ा, जंगली कुत्ते, जेबरा शामिल हैं। इन्हें पिंजरे में रखा जाएगा। इसके लिए विभाग ने प्रपोजल भेज दिया है। टाइगर सफारी बनने के बाद सफारी में टाइगर की ब्रीडिंग में भी बढ़ने का अनुमान विभाग लगा रहा है। टाइगर सफारी बनने के बाद डियर पार्क में लोगों की भीड़ और बढ़ेगी विभाग को आर्थिक लाभ होगा।

ऐसी होगी बठिंडा की टाइगर सफारी।

प्रेजेंटेशन के बाद होगा अगला फैसला

^टाइगरसफारी प्रोजेक्ट को लेकर 29 सितंबर को सेंट्रल जू अथाॅरिटी नई दिल्ली के दफ्तर में मुझे बुलाया गया है। प्रेजेंटेशन देने के बाद अथाॅरिटी अगला फैसला लेगी। कुछ अन्य जानवरों को भी लाने के लिए प्रपोजल विभाग दिया गया है। डॉ.संजीव तिवारी, डीएफओ,बठिंडा