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रक्तदान शिविर में मचा बवाल

7 वर्ष पहले
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शुक्रवारको टीचर्स होम में रक्तदान शिविर में बवाल मच गया, सैकड़ों की तादाद में रक्तदान करने पहुंचे लोगों को रक्तदान की एवज में राशन देने से मामला गर्माया। खून के बदले राशन की भनक लगते ही रक्तदानी संस्थाओं के प्रतिनिधि वहां पहुंचे और इसे असंवैधानिक करार देते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन से कार्रवाई का आग्रह किया लेकिन अफसोस कि किसी भी विभाग ने इस पर गंभीरता दिखाई।

समृद्ध जीवन फाउंडेशन की ओर से अपने फाउंडर प्रेजीडेंट महेश किसन मोतेवर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में शुक्रवार को टीचर्स होम में रक्तदान शिविर लगाया गया। सुबह 8.30 से बाद दोपहर 3 बजे तक चले शिविर में सैकड़ों युवाओं ने दिलचस्पी दिखाई। बाहर से आए एक प्राइवेट ब्लड बैंक के शिविर में गरीब मध्यम वर्ग के लोगों की भीड़ जुटी देख लोगों को संदेह हुआ लेकिन उन्हें प्रत्येक रक्तदानी के हाथ में प्लास्टिक का लिफाफा थमा देखकर माजरा समझ में गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत इसकी सूचना रक्तदानी संस्थाओं को दी, मामले की गंभीरता को देखते हुए नौजवान वेलफेयर सोसायटी के सोनू महेश्वरी, बठिंडा विकास मंच के राकेश नरूला, समेत अनेक समाजसेवी वहां पहुंचे और उन्होंने इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. तेजवंत सिंह रंधावा को अवगत कराने पर स्वास्थ्य टीम में शामिल ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉ. इंद्रदीप सिंह सरां पर आधारित तीन सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। माहौल तनावपूर्ण होता देख थाना कोतवाली के इंचार्ज महेश कुमार टैनी एवं तहसीलदार जश्नजीत सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे।

रक्तदानी संस्थाओं ने पुलिस स्वास्थ्य विभाग से इसे असंवैधानिक ठहराया। समाजसेवियों ने रक्तदान करने वाले को राशन देने पर भी सवाल उठाते हुए लाइब्रेरी के साथ वाली कमरे में राशन से भरे सफेद प्लास्टिक के लिफाफे भी दिखाए पर तो स्वास्थ्य विभाग ने ही कोई गंभीर नोटिस लिया और ही पुलिस प्रशासन ने। नौजवान वेलफेयर सोसायटी के प्रधान सोनू महेश्वरी ने बताया कि तहसीलदार कोतवाली पुलिस ने उनकी शिकायत तक नहीं ली, इसलिए उन्होंने एसडीएम बठिंडा के नाम शिकायत की कापी रजिस्टर्ड करवाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग ने शिविर लगाने वाली प्राइवेट कंपनी से महज डिटेल लेकर साइन करवाए। इसके अनुसार पुरोहित ब्लड बैंक श्रीगंगानगर की टीम 130 यूनिट जबकि डीएमसी लुधियाना की टीम 69 यूनिट खून लेकर गई, जब