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5 साल तक सुविधाओं को तरसते रहे लोग

6 वर्ष पहले
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भास्कर मंच

^हमारे वार्ड में सबसे अधिक पीने के पानी की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। वार्ड में वाटर सप्लाई लाइन ही नहीं बिछाई गई। लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी दूरदराज से गैलन में भरकर लाना पड़ता है। यही नहीं, घरों में सीवरेज के कनेक्शन भी नहीं दिए गए हैं। बलविंदरसिंह, धोबियाना मेन रोड

^इस इलाके में तो इंसान रहते हैं पर सरकार यह नहीं समझती, तभी तो उन्हें पानी, सड़क, सीवरेज की मूलभूत सुविधा तक से लोग महरूम हैं। गलियों का हाल बुरा है। पानी के लिए टंकी वाले को भी तीन-चार दिनों बाद फोन करने पर ही पानी की सप्लाई मिलती है। सुखलाल, निवासी बेअंत नगर

^15 सालों से इस इलाके में रहते हुए सुविधाओं की आस लगाए हुए हैं लेकिन आज तक वार्ड पार्षदों ने सिवाय भरोसे के कुछ भी नहीं मिला। वार्ड में ना तो सीवरेज सिस्टम बिछाई गई है और ही पानी का कोई बंदोबस्त है। निगम के नए सदन को इस पर ध्यान देना होगा। सुखप्रीतकौर, बेअंत नगर

^सालों से उनके इलाके में कुछ हुआ ही नहीं। कोई सुविधा ही नहीं तो समस्या काहे की। सीवरेज, पानी, बिजली, सड़कें आखिर क्या-क्या गिनाएं। एमसी से लेकर सरकार तक को वार्ड की समस्याओं की जानकारी है, पर कोई काम नहीं करवाया। राजपालसिंह, कच्चा धोबियाना

^इस वार्ड में व्याप्त समस्याओं के बारे में क्या कहे। नगर निगम ने इस वार्ड में कुछ किया ही नहीं है। छह दशक बाद भी उनके घरों तक पानी सप्लाई के पाइप नहीं बिछाई गई। दो साल हो गए, सिक्योरिटी भरे हुए। लेकिन उनके घरों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा। रामपाल,पुरानी धोबियाना

^न कोई गली है, कोई सड़क है, यहां तो समस्याओं का ढेर लगा है। वार्ड पार्षद ने यहां की समस्या को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया। यहां रहने वाले लोग बेहद सब्र वाले हैं जो इतनी दिक्कतों में रहने के बावजूद जी रहे हैं पर सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं। मनदीपकौर, निवासी बेअंत नगर

^60 सालों से यहीं रहते हैं, जब यह धोबियाना गांव हुआ करता था। पर इतने सालों बाद भी इस इलाके में कुछ भी नहीं हुआ। कच्ची गलियों में आज भी मिट्टी उड़ती है और नहाने को तो क्या पीने के पानी के लिए भी भटकना पड़ता है। वहीं घरों में आज भी खुई बनाई जाती हैं। बुधराम,निवासी धोबियाना

^इलाके में सीवरेज का पानी हमेशा ओवरफ्लो होकर बहता रहता है। वाटर सप्लाई भी रेगुलर नहीं है। गलियों में साफ-सफाई का भी कोई समुचित बंदोबस्त नहीं है। नगर निगम की अनदेखी के चलते वार्डवासी नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। इंद्रेशकुमार, गली नंबर 3 धोबियाना नगर

^आज तक इलाके को कुछ नहीं मिला। सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। वोट लेने वालों ने भी कुछ नहीं कराया, आज तक उनके घरों में अंधेरा है, क्योंकि बिजली के कनेक्शन ही नहीं मिले। सीवरेज का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहता रहता है। इससे लोग परेशान रहते हैं। कौरसिंह, धोबियाना नगर

^कोई वोट मांगने तो आए, पहले उससे हिसाब-किताब लिया जाएगा। उससे पूछेंगें कि क्यों वार्ड में पीने के पानी की समस्या है। क्यों वार्ड की गलियां और सड़कें नहीं बनी। क्यों सीवेरज की समस्या हल नहीं हुई। क्या वार्ड का विकास हो सकेगा। वीरपालकौर, कच्ची धोबियाना

बाशिंदों की आवाज

वार्ड की बात (10,11,12)

बठिंडा। वार्ड नंबर-10,11, 12 के कुछ इलाके तो ऐसे हैं जो निगम की हद में तो गए, लेकिन वहां मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाईं। लोगों का कहना है कि उन्हें तो पानी, सड़क-गलियां और बिजली का इंतजार करते सालों निकल गए। वार्ड नंबर 10 और 11 तो पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है। यहां के लोग आज भी पानी को तरस रहे हैं। इस इलाके में सीवर, सड़कें और स्ट्रीट लाइटें तो क्या घरों में भी रोशनी नहीं पहुंच पाई है। वार्ड नंबर 12 पॉश इलाका है, लेकिन यहां जलभराव और सफाई के माकूल बंदोबस्त नहीं होने सड़क पर पानी और गंदगी की समस्या बनी रहती है। (इनपुट - प्रदीप शर्मा, अश्विनी काका)