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धरती पर उपलब्ध जलस्रोतों का मात्र एक फीसदी पानी ही पीने के लायक

6 वर्ष पहले
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मानवजीवन में साफ पानी के महत्व उपयोगिता के मद्देनजर सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब की ओर से पानी की गुणवत्ता स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय वर्कशॉप ट्रेनिंगट्रेनर्स : वाटर क्वालिटी एंड हेल्थ काआयोजन किया गया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि डीईओ सेकंडरी डॉ. अमरजीत कौर कोटफत्ता एवं मेजर जनरल रिटायर्ड आरके कौशल थे। वर्कशॉप में शामिल अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के प्रो. वीके गर्ग ने कहा कि गुरु साहिबान ने हवा, पानी धरती को गुरु, पिता माता समान दर्जा दिया है। इनकी इज्जत करना इंसान की नैतिक जिम्मेदारी है। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन से जलस्रोत लगातार कम हो रहे हैैं।

उन्होंने चेताया कि अगर पीने के पानी को गंदा होने से नहीं बचाया गया, तो ज्यादा समय तक जलस्रोत सुरक्षित नहीं रह सकेंगे। नदियां सीवरेज के मुक्त बहाव की वजह से खत्म हो रही हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गंगा नदी है जिसका पानी 75 फीसदी तक दूषित हो चुका है। हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद गंगा साफ नहीं हो सकी है।

वाइस चांसलर प्रो. आरके कोहली ने कहा कि सिर्फ मनुष्य ही नहीं, धरती के किसी भी प्राणी को जीवित रहने के लिए साफ पानी की जरूरत है। दूषित पानी का स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि मानवीय क्रियाकलापों के कारण साफ पानी के स्रोत लगभग खत्म हो रहे हैं। भूमंडल पर पीने को मात्र एक फीसदी पानी ही शेष है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को नई पीढ़ी को चेतन करने का बीड़ा उठाना होगा। नदियां जोड़ने, पानी रिसाइकिल-रिचार्ज करने तथा वृक्षारोपण को जरूरी बताते हुए प्रो. आरके कोहली ने पीने के पानी के स्रोत बचाने का आह्वान किया।

इस दौरान अध्यापक एवं विद्यार्थियों ने अलग-अलग रिसर्च लेबोरेट्रियों में पानी साफ करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की। इस अवसर पर करवाई पोस्टर प्रदर्शनी में लगभग 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रो. पी रामाराव ने विश्वविद्यालय की शिक्षा रिसर्च में उपलब्धियां गिनाई। आए हुए अतिथियों का अभिनंदन प्रो. आरसी शर्मा ने किया, जबकि प्रो. आरजी सैनी ने उनका आभार जताया।

इस वर्कशॉप के आयोजन में सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील मित्तल, डॉ. अनिल मंथा, डॉ. मोनिशा धीमान, डॉ. दीपक चौहान, डॉ. नगेंद्र बाबू, डॉ. संदीप सिंह डॉ. अमनदीप मान का योगदान रहा।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब में वर्कशॉप को संबोधित करते वीसी आरके कोहली।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ पंजाब में आयोजित वर्कशाप में उपस्थित अध्यापक

नई पीढ़ी में पानी बचाने की चेतना जगाने का अध्यापक उठाएं बीड़ा : आरके कोहली