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पीआरटीसी घाटे में, रियायती टिकट से जीएम ने किया स्पष्ट इनकार

6 वर्ष पहले
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पेप्सूरोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन अपनी बसों में यात्रियों की तादाद बढ़ाने के लिए स्टूडेंट पास एवं रियायती पास की सुविधा देने की बात भले ही कर रही हो, लेकिन बठिंडा डिपो से रियायती पास नहीं बनाए जा रहे हैं। इससे कामकाज के सिलसिले में प्रतिदिन सफर करने वाले डेली पैसेंजर को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं डेली पैसेंजर के सफर का अन्य जरिया अपनाने की वजह से भी पीआरटीसी की इनकम भी प्रभावित हो रही है।

इंडस्ट्रियल स्टेट के तौर पर विकसित महानगर की श्रेणी में गिना जाने वाले बठिंडा में प्रतिदिन हजारों की तादाद में लोग अपने दफ्तर अथवा दुकानों पर जाने के लिए सफर करते हैं।

इन्हें बसों में प्रतिदिन मोटा किराया चुकाना पड़ता है। पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की ओर से 87 पैसा प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया वसूलती है, डेली पैसेंजर को रियायती टिकट की दरकार है, लेकिन बठिंडा डिपो यह सुविधा नहीं दे रही है।

जुलाई2014 में पंजाब में लागू हुई रियायती टिकट

पीआरटीसीने राज्य में रोजाना यात्रियों को फायदा पहुंचाने के लिए 30 जनवरी 2010 से बंद चली रही रियायती टिकट की सुविधा 29 जुलाई 2014 से फिर से प्रारंभ की। बठिंडा डिपो में लगभग एक महीने की अवधि के बाद 2 अगस्त 2014 को अचानक बंद कर दी गई, जिसे डेली पैसेंजर के बार-बार आग्रह के बावजूद शुरू नहीं किया गया।

डेली पैसेंजर को रियायती टिकट मिलना चाहिए

^प्राइवेटइंस्टीट्यूट से आईलेट्स कर रहा हूं, प्रतिदिन भाई देसा स्टापेज से बठिंडा आने-जाने में 80रुपए तो बसों के किराए में लग जाते हैं। प्राइवेट इंस्टीट्यूट होने की वजह से स्टूडेंट पास नहीं मिल रहा तो डेली पैसेंजर के तौर पर ही रियायती टिकट दी जानी चाहिए। कुलदीपसिंह बुर्ज राठी

प्राइवेट टैक्सी का लेना पड़ता है हर रोज सहारा

^ड्यूटीपर तो प्रतिदिन जाना ही है लेकिन बस का सफर महंगा पड़ता है और इंतजार अलग से। इससे बचने को कुछ साथियों ने मिलकर प्राइवेट टैक्सी से आवागमन करते हैं। संजीवनागपाल, सरकारी सीसे स्कूल कोटफत्ता

रियायती टिकट शुरू हो जाए तो फायदा रहेगा

^प्रतिदिनमलोट, गिदड़बाहा, बठिंडा, मोगा आदि का सफर करना होता है, पीआरटीसी की ओर से रियायती टिकट की सुविधा मिले तो बहुत अच्छा रहे। सफर तो करना ही है, इसलिए प्राइवेट बस वालों से ही डेली के तौर पर सेटलमेंट कर लेते हैं। विनीत,सेल्समैन

पीआरटीसी प्रबंधन नहीं सुनता है हमारी बात

^फीडजॉब होने की वजह से रोजाना मलोट से बठिंडा और इससे आगे आवागमन करने के लिए सफर करना पड़ता है। कई बार पीआरटीसी से रियायती टिकट के लिए गुजारिश कर चुके हैं। लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई। गौरव,नौकरीपेशा

बसों में रोजाना टिकट लेना महंगा पड़ता है

^सरकारीबसों का सफर महंगा पड़ता है, रेलवे का किराया बेहद कम होने के बावजूद भी एमएसटी बनवाना फायदेमंद रहता है हालांकि थोड़ा ट्रेन का टाइम सेट नहीं बैठता लेकिन इकोनामिक होने के लिए थोड़ा सैक्रिफाइस तो करना पड़ेगा। प्रमोदशर्मा, सीनियर सेल्समैन सेलो

घाटे की सूरत में डेली पैसेंजर को रियायत टिकट देना संभव नहीं

^पीआरटीसीतो पहले से ही घाटे में चल रही है, स्टूडेंट्स पास पर हजारों लोग सवार होते हैं, ऐसे में डेली पैसेंजर की रियायती टिकट देना संभव नहीं। राजिंदरजोशी, जीएम बठिंडा

एक-दो दिनों में बठिंडा में भी शुरू होगी रियायती टिकट

^पंजाबमें डेली पैसेंजर के लिए रियायती टिकट की सुविधा दी जा रही है ताकि ज्यादा लोग पीआरटीसी की बसों में सफर करें। बठिंडा डिपो को भी इसके लिए ताकीद कर दी गई है एक-दो दिनों में सुविधा मिलने लगेगी। मनजीतसिंह नारंग, एमडी, पीआरटीसी

जिले में 30 हजार डेली पैसेंजर के बनते हैं रियायती टिकट

लगभग30 हजार डेली पैसेंजर की ओर से पीआरटीसी के रियायती टिकट की सुविधा ली जाती रही है। इन्हें पीआरटीसी की ओर से हाफ किराया यानी 15 दिन के किराए पर 30 दिन सफर की सुविधा प्रदान करता है। इन्हें रियायती टिकट शुरू होने की इंतजार है। पीआरटीसी की ओर से जिले के 112 शिक्षण संस्थाओं के लगभग 10 हजार विद्यार्थियों को स्टूडेंट्स को पास की सुविधा दी जा रही है। इसमें 60 किलोमीटर के दायरे तक 1 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से प्रति माह 60 रुपए किराया लिया जाता है।