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- 24 घंटे में स्वाइन फ्लू से तीसरी मौत, पॉलीथीन में लपेट संस्कार
24 घंटे में स्वाइन फ्लू से तीसरी मौत, पॉलीथीन में लपेट संस्कार
स्वाइनफ्लू ने जिले में वीरवार को तीसरी मौत हो गई। बठिंडा के मरीज का लुधियाना में इलाज चल रहा था। शहर के गणपति एन्क्लेव में रहने वाले चंद्र मोहन में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। उन्हें इलाज के लिए उनके परिजनों ने लुधियाना के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बुधवार रात को चंद्रमोहन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इससे पहले दो पीड़ित व्यक्तियों की मौत भी इलाज के दौरान हो चुकी है। इनमें से एक की मौत फरीदकोट मेडिकल कालेज एक की लुधियाना में हुई थी।
सेहतविभाग की टीम पहुंची मृतक के घर : स्वाइनफ्लू पीड़ित चंद्रमोहन की मौत की सूचना मिलते ही वीरवार सुबह सेहत विभाग की टीम मृतक के घर पंहुची। सेहत विभाग से जुडे़ सूत्रों की माने तो शव को किसी भी प्रकार के पॉलीथिन से कवर नहीं किया गया था। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर शव को मोटे पॉलीथिन से लपेटा जिसके बाद ही शव का संस्कार हो सका। स्वाइन फ्लू से जब भी किसी की मौत होती है तो उसके शव को प्रॉपर ढकना होता है ताकि हवा के जरिए वायरस फैले।
मेडिसिन स्टॉक पूरा
^जिलेमें तीन मौतें हो चुकी है। फ्लू की मेडिसिन का स्टाक सभी जगहों पर पहुंचा दिया गया है। विभाग हर स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। सीएस को सभी जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए दए हैं। डॉ.दीपकभाटिया, स्टेट नोडल ऑफिसर, पंजाब।
घबराएं नहीं लोग
^हमलोगों को अवेयर कर रहे हैं। विभाग ने वे सभी सुविधाएं अस्पतालों में उपलब्ध करवा रहा है। रैपिड रिस्पोंस टीम नोडल ऑफिसरों की तैनाती कर दी है। जरूरी गाइडलाइन भी जारी कर दिए गए हैं। विन्नीमहाजन,प्रिंसिपल सचिव,सेहत विभाग।
यह हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण
-नाक का लगातार बहना, छींक आना
-कफ, कोल्ड और लगातार खांसी
- मांसपेशियां में दर्द या अकड़न
- सिर में भयानक दर्द
- नींद आना, ज्यादा थकान
- दवा खाने पर भी बुखार का लगातार बढ़ना
- गले में खराश का लगातार बढ़ते जाना
-स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। कई बार मरीज के आसपास रहने वाले लोगों और तीमारदारों को चपेट में ले लेता है। लिहाजा, किसी में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखें तो उससे कम से कम तीन फीट की दूरी बनाए रखना चाहिए।
टेमीफ्लू के लिए भटक रहे लोग
स्वाइनफ्लू बीमारी में ली जाने वाली टेमीफ्लू मेडिसन शहर के मेडिकल स्टोर में नहीं मिल रही है। सेहत विभाग टेमीफ्लू मेडिसन केवल उन मरीजों को देता है जिनमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि होती है। स्वाइन फ्लू रोगियों के कांटेक्ट में आने वाले लोगों को उक्त मेडिसन विभाग की तरफ से नहीं दी जाती पहले विभाग ऐसा करता था। स्वाइन फ्लू रोगी के कांटेक्ट में आने वाले लोग या फिर इन का इलाज करने वाले स्टाफ को टेमीफ्लू मेडिसन प्राइवेट तौर पर खरीद कर खानी पड़ रही है। टेमीफ्लू मेडिसन की खरीद लुधियाना या फिर चंडीगढ़ से खरीदी जा रही है।
सेहत कर्मियों ने भी शुरू किया मास्क लगाना
स्वाइनफ्लू के बढ़ते संदिग्ध मरीजों की संख्या ने सिविल अस्पताल में तैनात सेहत कर्मियों की चिंता बढ़ा दी है। सिविल अस्पताल में ओपीडी में मरीज देखने वाले डाक्टरों नर्सों ने एतिहातिन मास्क पहनने शुरू कर दिए हैं। वीरवार से पहले मास्क लगाते कर्मी अस्पताल में नहीं दिखाई देते थे। इमरजेंसी वार्ड से लेकर इनडोर वार्ड में तैनात कर्मी पूरी तरह से सावधानी बरते दिखाई दे रहे हैं।
बुधवार रात हुई मौत
^स्वाइनफ्लू से पीड़ित चंद्रमोहन ने इलाज के दौरान बुधवार रात को लुधियाना के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। आज हमारी टीम मृतक के घर गई थी मौके पर पहुंच कर शव को पॉलीथिन से ढका। डॉ.एचएसहेयर, जिला एपिडिमोलॉजिस्ट, बठिंडा।