एक ही ट्रैक पर मेल और माल गाड़ी, ड्राइवर की सजगता से हादसा टला
श्रीगंगानगरसे वाया बठिंडा होते हरिद्वार जाने वाले हरिद्वार मेल बुधवार को हादसे से बच गई। मुलाजिमों की लापरवाही से एक ही ट्रैक पर दो गाड़ियां आमने-सामने हो गईं पर मेल गाड़ी के ड्राइवर सतपाल और गार्ड राधेश्याम की सजगता से कई लोगों की जान बच गईं। अंबाला मंडल ने जांच के आदेश दे दिए हैं और टेक्नीकल स्टाफ के सदस्य धूरी पहुंचकर जांच कर रहे हैं।
अफसरों ने माना कि मुलाजिमों ने ट्रैक का कांटा नहीं बदला और सामने से मेल गाड़ी आने के बावजूद मालगाड़ी को ग्रीन सिग्नल दे दिया गया। जानकारी के अनुसार, ड्राइवर सतपाल ने तत्काल गार्ड राधेश्याम से वायरलेस से संपर्क कर इमरजेंसी ब्रेक लगाने को कहा। इसके बाद उन्होंने वायरलेस कनेक्टिवटी में मालगाड़ी के ड्राइवर और गार्ड को लेने के लिए मैसेज देना जारी कर दिया।
कुछ मिनट में ही मालगाड़ी के ड्राइवर और गार्ड के पास भी एमरजेंसी ब्रेक का मैसेज दे दिया गया। इसके चलते एक किलोमीटर की दूरी में दोनों गाड़ियां रोक दी गईं।
मालगाड़ी कौल सेडी स्टेशन की ओर रही थी। उसे मुलाजिमों की लापरवाही से ग्रीन सिग्नल मिल गया और ट्रैक को भी खाली बताकर क्रासिंग नहीं बदली गई। सुबह 9 बजकर 12 मिनट पर मालगाड़ी रवाना हो गई, वहीं सामने से 9 बजे हरिद्वार मेल गाड़ी को भी ग्रीन सिग्नल के साथ उसी ट्रैक की हरि झंडी दी गई। मेल गाड़ी में करीब एक हजार यात्री सवार थे। दोनों गाड़ियों के एक ही ट्रैक पर होने के कारण करीब 3 घंटे तक आवाजाही प्रभावित हुई। डीआरएम दिनेश कुमार ने कहा कि सामान्य तौर पर इस तरह की लापरवाही को रेलवे हादसे के बराबर लेता है। इसमें लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को नहीं बख्शा जाएगा। इस बाबत अंबाला मंडल की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।