शहीद बाबा मोती मेहरा सभा ने करवाया समागम

5 वर्ष पहले
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मातागुजर कौर जी एवं छोटे साहिबजादों को दूध पिलाने वाला, सच पर पहरा देने तथा जुल्म के खिलाफ खड़े होने वाले बाबा मोती महरा जी के संबंध में गुरमति समागम खालसा ग्राउंड में अमर शहीद बाबा मोती मेहरा सभा की ओर से कराया गया। पंथक संगठनों के अलावा माता लधो, प|ी भोला पुत्र नरैना को शहीद कर मीरी पीरी खालसा जत्था जगाधरी वालों ने अपनी हाजिरी भरकर संगतों को गुरबाणी गुरु इतिहास से जोड़ा। उन्होंने बताया कि जिस समय हुकूमत ने सच को दबाने के लिए माता गुजर कौर छोटे साहिबजादों को ठंडे बुर्ज में कैद किया हुआ था, उस समय बाबा मोती मेहरा ने तत्कालीन हुकूमत की परवाह करते हुए माता जी छोटे साहिबजादों को दूध पिलाया था। तत्कालीन हुकूमत ने बाबा मोती मेहरा के सारे परिवार को कोल्हू में पीड़कर शहीद कर दिया था। इसके अलावा बाबा जी के पिता हरा राम ने श्री आनंद साहिब में अपने शहीदी दी थी।

इस अवसर पर कथावाचक ज्ञानी सुखदेव जी श्री मुक्तसर साहिब वालों ने भी शहीद बाबा मोती मेहरा को याद करते संगतों को उनकी बेमिसाल शहीदी से अवगत कराया। अमर शहीद बाबा मोती मेहरा सभा के चेयरमैन कथावाचक ज्ञानी त्रिलोक सिंह सुमाघ सभा के प्रधान बाबा गुरचेतन सिंह ने कहा कि आज जरूरत है कि अब भी हम सभी भी सच पर पहरा देने वाले बाबा मोती मेहरा की शहीदी को याद करके वहम-भ्रम को छोड़ें और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के बताए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि मेहरा बिरादरी से संबंधित कथावाचक भाई त्रिलोक सिंह गांव-गांव जाकर गुरमति का प्रचार कर रहे हैं और संगतों को वहम-भ्रमों से निकालकर गुरमति के अनुसार जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। त्रिलोक सिंह ने अपनी बिरादरी को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहरा बिरादरी शहीद बाबा मोती मेहरा के नक्शे कदम पर चलते हुए वहम-भ्रम को छोड़कर गुरमति के अनुसार जीवन गुजारे। समापन पर अरदास ज्ञानी त्रिलोक सिंह ने कराई। संगतों में दूध गुरु का लंगर अटूट बरताया गया।

गुरमति समागम में रसमयी कीर्तन करके संगतों को निहाल करते कीर्तनी जत्था

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