रेगुलर सैलरी की मांग को लेकर प्रदर्शन

5 वर्ष पहले
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प्रांतीयनेता स्वर्णा रानी ने बताया कि डेढ़ महीने से पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन कर रहे समरदीप, कर्मजीत कौर निशांत ने पक्की नौकरी मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दे रखी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया।

{हालत गंभीर, पहले से छिड़क रखा था पेट्रोल

बठिंडा | बुधवारको प्रदर्शन के दौरान ईजीएस टीचर ने खुद को आग लगा ली। उसकी हालत गंभीर है। डॉक्टरों के अनुसार समरदीप 50 फीसदी झुलसा है। 24 घंटे पहले मंगलवार को भी इसी चौक पर एक ईजीएस टीचर निशांत ने तेल डालकर खुदकुशी की कोशिश की थी लेकिन उसे रोक दिया गया था। घटना उस समय हुई जब ईजीएस टीचर फौजी चौक पर पुतला फूंकने पहुंचे थे। मानसा के सिमरजीत सिंह ने पहले से खुद पर पेट्रोल छिड़क रखा था और जैसे ही पुतले को आग लगाई गई वह भी उसमें कूद गया। उसके दोनों हाथ, सीना मुंह झुलस गए। दरअसल, ये लोग कई महीनों से नौकरी पक्की करने और 6 महीने की सैलरी के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।

फोटो : एसएस सोनू

5 हजार सैलरी, वो भी 6 महीने से मिली ही नहीं

32साल के सिमरजीत पर घर की पूरी जिम्मेदारी है। परिवार में घरेलू जमीन का झगड़ा चल रहा है। वह 40 दिन से पानी की टंकी पर चढ़ा रहा। उसके पिता की मौत हो चुकी है परिवार में सबसे बड़ा हैख, शादी भी नहीं हुई है। एक छोटी बहन भाई है। घरेलू खर्च अधिक है लेकिन सरकार की तरफ से मात्र 5 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जाता है जो छह माह से नहीं मिल रहा है।

पहले पुतला फूंका, फिर उसी आग में कूदा ईजीएस टीचर

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