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कब्जे और घपले की विजिलेंस जांच का मुद्दा उठाएंगे कांग्रेसी

4 वर्ष पहले
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नगरनिगम की 8 मई को होने वाली जनरल हाउस बैठक में कांग्रेसी पार्षदों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हंगामा करने की घोषणा की है। पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम में भर्ती घोटाला, बिल्डिंग ब्रांच की तरफ से मनमाने ढंग से इमारतों को बनाने की छूट के साथ छप्पड़ों में अवैध कब्जों का बोलबाला है। वर्तमान में मेयर की तरफ से गठित कमेटियां इन घपलों की जड़ तक जाने में नाकाम हो रही है। इस स्थिति में अब इन तमाम मामलों की विजिलेंस जांच करवाई जाए। गठित की गई चार कमेटियों की बैठक में अब तक कोई सार्थक हल निकलने की बजाय मामले में खानापूर्ति करने की कोशिश हो रही है।

ग्रीनबेल्ट विकसित करने के लिए करीब 3 करोड़ रुपए की राशि को लेकर भी आपत्ति:वही सत्तापक्ष से ही जुड़े लोगों ने ग्रीन बेल्ट को विकसित करने के लिए करीब 3 करोड़ रुपए की राशि को लेकर भी आपत्ति जताई है। पार्षद प्रदीप गोयल ने आशंका जताई है कि वर्तमान में एक हजार से अधिक ट्री गार्ड इसी तरह के हैं जो शहर के विभिन्न हिस्सों से लाकर स्टोर में रखे थे पहले उन्हें इस्तेमाल किया जाना चाहिए। शहर में 10 लाख रुपए के पौधे खरीदकर लगाने के मामले में भी पार्षदों ने आपत्ति जताई है इस मामले में निगम अब पौधे किन इलाके में लगाएगा इसका विवरण सदन में दिया जाए। कांग्रेस के पार्षद शैरी गोयल का कहना है कि निगम एक करोड़ 9 लाख रुपए के ट्री गार्ड खरीद करने के साथ इन्हें फिक्स करने पर ही 35 लाख 55 हजार रुपए खर्च कर रहा है। एक कमेटी गठित कर पूरे अभियान की निगरानी रखी जाए।

मांग पूरी होने तक नहीं होने देंगे बैठक

कांग्रेसीपार्षद संजय बिसवाल, जुगराज सिंह ने तो यहां तक कहा कि इस संबंध में बैठक को तब तक चलने नहीं दिया जाएगा जब तक सदन में विजिलेंस जांच करवाने का प्रस्ताव पास कर सरकार को नहीं भेजा जाता। बैठक में पांच करोड़ 59 लाख रुपए के विकास कार्यों प्रोजेक्टों को मंजूरी के लिए रखा जा रहा है।

काम चल रहा है तो 64 लाख का खर्चा क्यों ?

हरविंदरकुमार शर्मा निर्मल सिंह सिद्धू ने रेलवे लाइन के पार परसराम नगर में बरसात के पानी के लिए आलम बस्ती में नया डिस्पोजल बनाने के लिए 64.68 लाख रुपए खर्च करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते कहा कि इसमें पानी निकासी के लिए 400 मीटर की पाइप की जरूरत है लेकिन डिस्पोजल पर लाखों रुपए खर्च करने की जरूरत ही क्यों है।

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