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फेस्टिवल सीजन में धोबी बाजार में रुलाती है ट्रैफिक की समस्या
शहरके बाजारों में अव्यवस्थित पार्किंग ट्रैफिक प्लानिंग के कारण इस बार फेस्टिवल सीजन का पूरा मजा किरकिरा सकता है। भास्कर की टीम ने पाठकों की समस्या से मुखातिब होने के बाद शनिवार को पार्किंग ट्रैफिक प्लानिंग का जायजा लेने के लिए धोबी बाजार का दौरा किया। यहां देखा गया कि बाजार में कहीं भी पार्किंग का कोई प्रबंध नहीं है। दुकानदारों ने बयां किया कि बाजार में संगल लगा देने से उनके कारोबार पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। ग्राहक अपनी गाड़ी लेकर बाजार में नहीं सकते। इस कारण ग्राहक किसी और दुकान पर चले जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ लोगों को यह डर सताता रहता है कि बाजार आने के लिए कहीं खड़ी गाड़ी को टो वैन ना उठा ले जाए और बेवजह ही जुर्माना ना देना पड़ जाए। इस दौरान यह बात सामने आई कि पार्किंग की व्यवस्था तो नहीं है, पर जुर्माना लेने के लिए गाडिय़ों को टो वैन से गाड़ी उठा लिया जाता है। यदि पार्किंग प्लेस होती, तो बाजार आए लोग अपनी गाड़ी वहीं पार्क करते।
धोबीबाजार से होती है हर तरह की खरीदारी : धोबीबाजार एक ऐसा बाजार है, जहां से फेस्टिवल सीजन की हर सामानों की आपूर्ति होती है। कॉस्मेटिक्स से लेकर ज्वैलरी गारमेंट्स तक हर आइटम इस बाजार में मिल जाती है। यही कारण है कि लोग ज्यादा इस बाजार में आते हैं। लेकिन, यहां पर आने पर उनको पार्किंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। फिलहाल दुकानदारों का कहना है कि विकल्प के तौर पर अभी अगर बाजार में लगे संगल हटा दिए जाए और ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी तैनात कर दिए जाएं, तो कुछ राहत जरूरी मिलेगी।
77 मुलाजिमों को किया जाएगा तैनात
^फेस्टिवलसीजन के दौरान पूरी तरह से प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए शहर में करीब 77 ट्रैफिक पुलिस मुलाजिमों को तैनात किया जाएगा। वहीं लोगों की सुविधा के लिए माल रोड पर दोनों स्कूलों में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी। दीवाली के दौरान किसी को भी अपना वाहन बाजार में लेकर नहीं जाने दिया जाएगा। गुरजीतसिंह रोमाणा, डीएसपी,सिटी वन।
दुकानों के बाहर बने अड्डों को हटाया जाए
^ट्रैफिककी समस्या से निजात पाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों को तैनात किया जाए। उनकी ड्यूटी को पक्के तौर पर लगाया जाए। इसके अलावा दुकानों के बाहर जो अड्डे हैं या तो वह सभी दुकानों के बाहर होने चाहिए या किसी भी दुकान के बाहर नहीं। दीपकबंसल, दुकानदार।
बाजार में पार